संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। लावण्या फाउंडेशन की तरफ से आयोजित दो दिवसीय नाट्य उत्सव का समापन बाल भवन में किया गया। उत्सव के दूसरे दिन रंगमंच प्रेमियों के लिए प्रसिद्ध नाटक द मैरिज प्रपोजल का मंचन किया गया। इसे लेखक एंटोन चेखव ने लिखा है। इसका निर्देशन साक्षी सुनील ने किया।
मुख्य अतिथि सुनील भार्गव ने कहा कि रंगमंच समाज का आईना होता है, जो हमें हमारे आसपास की वास्तविकताओं से परिचित कराता है। इस प्रकार के नाट्य उत्सव समाज में सांस्कृतिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लावण्या फाउंडेशन द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है, जो न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करता है बल्कि समाज को नाट्य कला से जोड़ने का कार्य भी करता है।
विशिष्ट अतिथि राजीव गुप्ता (प्रधान, महावर सभा), अनिल कौशिक (पूर्व निर्देशक, हरियाणा कला परिषद) एवं संजय डाटा (जिला संयोजक, लघु उद्योग भारती) रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी सतीश मस्तान, सुधीर यादव, झम्मन सिंह सैनी, आदित्य डाटा, रोहित सैनी, संगीता, सागर सैनी, रविन्द्र कुमार, प्रतीक, मंजू सैनी, पूर्वी अंजलि, निक्की और अन्य कलाकारों ने इस आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संस्था के प्रधान दीपक कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी रंगकर्मियों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। बताया कि उत्सव ने शहर में नाट्य कला के प्रति एक नई ऊर्जा और जागरूकता पैदा की, जिससे भविष्य में और अधिक रंगमंचीय आयोजनों की उम्मीद बढ़ गई है।