रेवाड़ी। जिले को पांच नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने का इंतजार लंबा हो सकता है। इसकी वजह चार्जिंग पॉइंट की स्थापना, मेंटेनेंस की सुविधा और प्रशिक्षित स्टाफ का नहीं होना है। वर्तमान में जो पांच इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं वे सीमित संसाधनों के बीच जैसे-तैसे चार्जिंग की व्यवस्था कर चलाई जा रही हैं।
पहले चर्चा थी कि जनवरी में नई इलेक्ट्रिक बसें रेवाड़ी पहुंच जाएंगी उसके बाद मार्च तक आने की संभावना जताई गई लेकिन मार्च खत्म होने पर भी इन बसों के आने की कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। अभी तक इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग से डिपो तक तैयार नहीं किया गया है। न ही चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए गए हैं।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन, मेंटनेंस सुविधा और प्रशिक्षित स्टाफ की आवश्यकता होती है। यदि ये व्यवस्था पहले से सुनिश्चित न हों तो बसों के संचालन में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। यही कारण है कि विभाग पहले बुनियादी ढांचा तैयार करने पर ध्यान दे रहा है।
योजना : 90 गज जमीन पर बनेगा चार्जिंग पॉइंट, 13.96 करोड़ रुपये होंगे खर्च
प्रदेश सरकार ने रेवाड़ी डिपो को 5 इलेक्ट्रिक बसें मुहैया कराई हैं। आने वाले समय में डिपो को 45 इलेक्ट्रिक बसों की खेप मिलने वाली है। नए बस स्टैंड परिसर में 90 गज जमीन पर चार्जिंग पॉइंट बनेगा और तीन एकड़ जमीन पर स्टेशन होगा। यहां पर बनने वाली बिल्डिंग में 170 के लगभग चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। चार्जिंग पॉइंट के लिए रैकनुमा मशीनें होंगी जिनको ऑन करने के बाद बसों को बिल्डिंग के बाहर खड़ी करके चार्ज किया जाएगा। इससे एक बार में ही सभी बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इस पर 13 करोड़ 96 लाख रुपये खर्च होंगे। सेक्टर 12 में निर्धारित भूखंड पर नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य को हरियाणा सरकार ने मंजूरी दे दी है। बस स्टैंड भवन और वर्कशॉप निर्माण के लिए 65 करोड़ 32 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
सभी रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों को नहीं मिली सफलता
सभी रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों को समान सफलता नहीं मिली है। रोडवेज के अनुसार जनवरी में धारूहेड़ा रूट पर इलेक्ट्रिक बसों की शुरूआत की गई थी। यह सेवा कुछ समय तक चली लेकिन बाद में यात्री संख्या कम होने के कारण इसे बंद करना पड़ा। इसके विपरीत बावल रूट पर रोजाना बसें यात्रियों से भरी हुई चलती हैं।
इलेक्ट्रिक बसों के आने की कोई पुख्ता तिथि तय नहीं की गई है। स्पष्ट जानकारी मिलने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
- निरंजन शर्मा, जीएम रोडवेज, रेवाड़ी