रेवाड़ी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई बंद होने से जिले के करीब 25 हजार छोटे- बड़े होटल, मोटल, ढाबों, रेस्तरां, मिठाई की दुकानों कैटरिंग और शादी-समारोह में भोजन बनाने वाले कारोबारियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। साथ ही घरेलू सिलिंडर की भी आपूर्ति सीमित कर दी गई है।
जिले में विभिन्न कंपनियों की करीब 50 से अधिक गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं। इनके पास लगभग चार लाख से अधिक गैस कनेक्शन दर्ज हैं जिनमें करीब 45 हजार कॉमर्शियल कनेक्शन हैं। बाकी घरेलू उपभोक्ताओं के नाम पर हैं। युद्ध की वजह से घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं।
नए नियम के अनुसार उपभोक्ता अब 25 दिन का अंतराल पूरा होने के बाद ही नया घरेलू सिलिंडर बुक करा सकेंगे और साल भर में अधिकतम 12 सिलिंडर ही मिल सकेंगे। ऐसे में लोगों को परेशानी होना भी लाजमी है।
दूसरा सिलिंडर 25 दिन में ही मिले सकेगा
एक गैस एजेंसी के संचालक कृष्ण कुमार ने बताया कि अब पहला घरेलू सिलिंडर मिलने पर दूसरा सिलिंडर 25 दिन में ही मिलेगा। होटल पर सिलिंडर देने से पीछे से ही मना कर दिया गया है। पाइप लाइन से रसोई गैस की सप्लाई जरूरत के हिसाब से मिलेगी।
पहले उपभोक्ता साल भर में किसी भी समय 12 सिलिंडर ले सकते थे लेकिन अब हर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में कॉमर्शियल सिलिंडर बंद होने और घरेलू सिलिंडर समय से पहले नहीं मिलने से छोटे कारोबारियों के लिए स्थिति मुश्किल हो सकती है।
दुकानें बंद करने की आ सकती है नौबत
बावल मार्ग के ढाबा संचालक राजीव कुमार ने बताया कि यदि यही स्थिति रही तो हलवाइयों और छोटे खाद्य कारोबारियों को अपनी दुकानें बंद करने तक की नौबत आ सकती है। उन्होंने बताया कि घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में नहीं किया जा सकता, जबकि डीजल भी लगातार महंगा होता जा रहा है। ऐसे में कारोबार चलाना बेहद कठिन हो जाएगा।
व्यापारियों ने उठाई समाधान की मांग
कुतुबपुर मोहल्ला में एक मिष्ठान भंडार के संचालक अजय यादव ने बताया कि दुकानदार आमतौर पर कुछ सिलिंडरों का स्टॉक रखते हैं, लेकिन अब वह भी लगभग खत्म हो चुका है। काफी समस्या हो रही है। इसका समाधान होना चाहिए। यदि जल्द ही कॉमर्शियल गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कारोबार पर असर पड़ सकता है।