रेवाड़ी। सराफा व्यापारी के यहां लूट के बाद बदमाश जिन चार थाना क्षेत्रों से होकर गुजरे, वहां के थाना प्रभारियों को एसपी ने निलंबित किया है। चारों थाना क्षेत्रों में अपराधियों की धरपकड़ के लिए वीटी फ्लैश के बाद भी तेजी नहीं दिखाई गई थी।
एसपी की तरफ से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि आपराधिक गतिविधियों को पकड़ने के लिए त्रिस्तरीय सीलिंग योजना पहले से लागू है। 11 नवंबर को ज्वेलर्स के यहां लूट के बाद सीलिंग योजना के तहत नाका लगाकर अपराधियों को पकड़ने के लिए दोपहर लगभग 12.20 बजे एक वीटी फ्लैश की गई थी। जांच में पता चला है कि लूट के बाद अपराधी बावल थाना, सिटी थाना, मॉडल टाउन थाना और रोहड़ाई थाना क्षेत्रों से होते हुए बाइक से भागे थे। इन थाना क्षेत्रों में कोई नाका नहीं लगाया गया था। इससे स्पष्ट है कि उन्होंने सीलिंग योजना के अनुसार समय पर नाका लगाकर अपराधियों को पकड़ने में घोर लापरवाही दिखाई। एसपी ने बताया कि चारों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। इसकी जांच डीएसपी हेडक्वार्टर करेंगे।
लूट केस में 2 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार
कोमल ज्वेलर्स लूटकांड में पुलिस दो आरोपी वेदपाल और सचिन को गिरफ्तार कर चुकी है। वेदपाल गुरुग्राम के हाजीपुर पातली गांव का रहने वाला है, जबकि सचिन रोहतक के सूर्यनगर का रहने वाला है। वारदात का मास्टर माइंड वेदपाल था, जो मर्डर के मामले में जून 2023 में पैरोल पर छूटने के बाद वापस नहीं गया। उसे गुरुग्राम कोर्ट उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। लूट के इस केस में कुल 4 लोग शामिल थे, जिनमें 2 आरोपी अभी फरार हैं।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
अमर उजाला की तरफ से व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रमुखता से मुद्दा उठाया गया था। 14 नवंबर के अंक में ''3000 करोड का जीएसटी चुकाकर भी व्यापारी असुरक्षित'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। उसके बाद मामले में राज्य सरकार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ा संज्ञान लेने के आदेश दिए थे।