बच्चे की जांच करतीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका शर्मा। संवाद
रेवाड़ी। तापमान में लगातार गिरावट के चलते सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। जिला नागरिक अस्पताल सहित निजी अस्पतालों की बाल रोग ओपीडी में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित बाल रोग ओपीडी में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सुबह और देर रात चल रही सर्द हवाओं और कोहरे ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि नवजात और पांच वर्ष तक के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
ऐसे में लापरवाही बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। अस्पताल में रोज 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक बच्चे सर्दी से जुड़ी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। इनमें कई मामलों में निमोनिया और सांस की नली में संक्रमण की शिकायत भी सामने आ रही है। समय पर इलाज न मिलने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें : स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। खासकर नवजात बच्चों को ठंड से पूरी तरह सुरक्षित रखने की जरूरत है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में जरूरी है कि अभिभावक पूरी सावधानी बरतें ताकि ठंड के इस मौसम में बच्चों को बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।