फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: नगर परिषद रेवाड़ी.... पांच सालों का कार्यकाल जांचों में उलझा रहा, सावर्जनिक नहीं हो पाई रिपोर्ट्स

विज्ञापन
सेक्टर 1 में सड़क से लिए सैंपल के निशान। संवाद
विज्ञापन
रेवाड़ी। नगर परिषद का पांच वर्षों का कार्यकाल लगातार विवादों और जांचों के घेरे में रहा। विकास कार्यों में अनियमितताओं व ठेकों में गड़बड़ी को लेकर समय-समय पर गंभीर आरोप सामने आते रहे जिसके चलते कई मामलों में जांच एजेंसियों को दखल देना पड़ा।
विज्ञापन

विजिलेंस, सीएम फ्लाइंग और तकनीकी टीमों द्वारा अलग-अलग मामलों की जांच शुरू तो की गई लेकिन अधिकतर मामलों में अब तक न तो रिपोर्ट सार्वजनिक हो पाई और न ही किसी पर ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
नगर परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप उस समय और गहराए जब पार्षदों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी खुलकर सवाल उठाने शुरू किए। कुत्तों के बधियाकरण से लेकर डंपर चोरी, फर्जी वजन पर्ची और सड़कों की गुणवत्ता जैसे मुद्दे सुर्खियों में रहे।
विज्ञापन

कई मामलों में मौके से सैंपल लिए गए, दस्तावेज खंगाले गए और अधिकारियों से पूछताछ भी हुई लेकिन नतीजे अब भी अधर में लटके हैं।
स्थिति यह है कि हर नई जांच के साथ लोगों की उम्मीदें तो जगीं लेकिन समय बीतने के साथ ये उम्मीदें ठंडी पड़ गईं। साथ ही जांचों का लंबा खिंचना और परिणामों का सार्वजनिक न होना कई सवाल भी खड़े करता है।

2024 में भ्रष्टाचार के आरोपों पर विजिलेंस ने शुरू की थी जांच
नगर परिषद पर लग रहे लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद विजिलेंस ने जांच शुरू की थी। विजिलेंस ने कुत्तों के बधियाकरण, डंपर चोरी होने और बिना नक्शे के बने कमर्शियल दुकानों को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। वहीं डंपर चोरी मामले को लेकर नगर परिषद की खूब किरकिरी भी हुई थी।
नगर परिषद में भ्रष्टाचार की जांच को लेकर पार्षदों ने आवाज उठाई थी। मामला तूल तब पकड़ा जब उस समय के विधायक रहे चिरंजीव राव ने भी नगर परिषद पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले की पूरी जांच विजिलेंस से करवाने की मांग की थी।
जांच में क्या निकला इसके बार में कुछ पता नहीं चल पाया। हालांकि निवर्तमान चेयरपर्सन पूनम यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था।

2025 में कूड़ा उठाने की फर्जी पर्ची बनाने का मामला आया था सामने
कूड़ा उठाने वाले डंपरों के वजन की धर्मकांटा से फर्जी पर्ची तैयार करने के मामला काफी चर्चित रहा था। नगर परिषद के तत्कालीन मुख्य सफाई निरीक्षक सुधीर कुमार की शिकायत पर पुलिस ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली फर्म के ड्राइवर समेत दो व धर्म कांटा के संचालक के खिलाफ सरकारी धनराशि का गबन करने की नीयत से फर्जी दस्तावेज तैयार करने को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। सीएम फ्लाइंग की टीम ने फर्म के कार्यों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान वजन की फर्जी पर्ची तैयार करने का खुलासा हुआ था। हालांकि ये नहीं पता चल पाया था कि घोटाले का मास्टरमाइंड कौन था।

अप्रैल 2025 में सड़कों के लिए सैंपल पर अब तक नहीं आई रिपोर्ट
नगर के सेक्टर-3 व 4 में बनाई गई सड़कें छह माह में ही उखड़ गई थीं। विजिलेंस की टीम दोनों सेक्टरों में पहुंची और सड़कों के सैंपल लिए और जांच के लिए लैब में भेजे थे। लोगों को उम्मीद थी कि सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आएगी। सेक्टर एक स्थित सोलहाराही तालाब मार्ग के भी सैंपल लिए गए थे लेकिन अभी तक रिपोर्ट सामने नहीं आ पाई हैं।

इसी तरह मार्च 2026 ब्रॉस मार्केट में टूटी सड़क की जांच करने पंचकूला मुख्यालय से टेक्नीकल टीम पहुंची थी। तीन सदस्यीय टीम का नेतृत्व अधीक्षक अभियंता विजय गोयल ने किया था। जांच टीम करीब 6 घंटे शहर में रुकी थी।
टीम ने ब्रॉस मार्केट पहुंचकर चार अलग-अलग जगहों से सड़क के सैंपल लिए थे। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सड़क टूटने के कारणों का पता चल पाएगा। दो करोड़ रुपए खर्च कर बना ये मार्ग 10 माह में टूट गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें