रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर वीरवार को विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम सुरेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील किसानों के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने डील को किसानों के लिए डेथ वारंट बताते हुए कहा कि इस तरह के समझौते से देश की खेती, डेयरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। उनका कहना था कि विदेशी कंपनियों और उत्पादों के बढ़ते प्रभाव से भारतीय किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जैसे अंग्रेज व्यापार के बहाने भारत आए और लंबे समय तक शासन किया। उसी तरह अब अमेरिका की नजर भारत की खेती और डेयरी सेक्टर पर है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह डील लागू होती है तो देश में विदेशी डेयरी उत्पादों का दबदबा बढ़ेगा जिससे स्थानीय किसानों को नुकसान होगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि भावांतर योजना 2023-25 के तहत किसानों का बकाया अभी तक नहीं मिला है। फसल बीमा की राशि भी किसानों के खातों में नहीं पहुंची है।
इसके अलावा सरसों की फसल को कलर फेड के नाम पर मंडियों से वापस भेजे जाने की शिकायत भी सामने आई। किसानों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा।
आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अगली कड़ी में लोकसभा सांसदों के आवास के बाहर एक दिन का सांकेतिक धरना देने की योजना बनाई गई है। संगठन की राष्ट्रीय टीम ने भी इस ट्रेड डील को रद्द करवाने का संकल्प लिया है। मौके पर राजेंद्र कुमार गेरा, महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर, मनीषा यादव, सविता दहिया एडवोकेट, पूनम कमालपुर, नीलम मूंदड़ा, ममता ग्रेवाल, शीशराम, अभय सिंह, वेद सुल्तानिया, ओपी लोहाणा मौजूद रहे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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उप प्रधान बनाए गए चरण सिंह
इस मौके पर संगठन विस्तार की घोषणा भी की गई। चरण सिंह को उप प्रधान बनाया गया जबकि राहुल दहिया, मोनिका यादव और सुमन चौहान को सदस्य बनाया गया। इसके अलावा दीपा यादव को उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।