व्यायामशाला के बीचोबीच गुजर रही बिजली लाइन के नीचे खेलते बच्चे। संवाद
धारूहेड़ा। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के स्पष्ट निर्देश और विभाग द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद करीब आठ महीने बीत जाने के बाद भी गांव खरखड़ा की व्यायामशाला के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन को नहीं हटाया गया है। इस लापरवाही के कारण प्रतिदिन यहां खेल और व्यायाम करने आने वाले दर्जनों बच्चों की जान जोखिम में बनी हुई है।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग में दर्ज शिकायत पर सुनवाई के दौरान आयोग ने 13 नवंबर 2025 को डीएचबीवीएन से रिपोर्ट तलब की थी। डीएचबीवीएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि स्थल का निरीक्षण कर वैकल्पिक मार्ग तय कर लिया गया है, लाइन शिफ्ट करने का अनुमान तैयार कर स्वीकृत करा लिया गया है तथा एमएस एनकेएस इलेक्ट्रिकल कंपनी धारूहेड़ा को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है।
डीएचबीवीएन ने यह भी कहा था कि गेहूं की फसल खड़ी होने के कारण तत्काल कार्य संभव नहीं है और फसल कटने के एक सप्ताह के भीतर लाइन शिफ्ट कर दी जाएगी।
लेकिन डीएचबीवीएन का यह वादा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया। फसल कटे भी कई महीने बीत चुके हैं, फिर भी आज तक लाइन अपनी जगह पर लटकी हुई है। व्यायामशाला में आने वाले गांव खरखड़ा के बच्चे उसी हाईटेंशन लाइन के नीचे खेलते और अभ्यास करते हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
कई बार इस 11 केवी लाइन से चिंगारियां निकलकर नीचे गिर चुकी हैं। सौभाग्य से अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यदि समय रहते लाइन नहीं हटाई गई तो कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।