रेवाड़ी। मॉडल टाउन स्थित कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को अरावली किसान क्लब की मासिक बैठक हुई। साथ ही इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर के 45 दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया।
इसमें किसानों, कृषि, बॉटनी, भूगोल और अर्थशास्त्र विषय के 42 विद्यार्थियों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि पूर्व हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव ने कहा कि युवा पीढ़ी को प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने अरावली किसान क्लब के कार्यों और इसके प्रधान किसान रत्न पुरस्कार से सम्मानित यशपाल खोला कंवाली के प्रयासों की सराहना की।
बैठक की अध्यक्षता मार्गदर्शन समिति सदस्य मास्टर बीर सिंह ने की। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के टीए-डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अनिल लाम्बा ने किसानों को विभाग की योजनाओं, अनुदान और सुविधाओं की जानकारी दी।
बागवानी विकास अधिकारी डॉ. प्रवीण चौला ने उद्यानिकी और फल-सब्जी उत्पादन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उपाय बताए। टैगोर प्रगतिशील स्वयं सहायता समूह, बवानिया की बनारसी देवी ने मिलेट्स आधारित खाद्य प्रसंस्करण और महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अरावली किसान क्लब के प्रधान यशपाल खोला कंवाली ने कहा कि प्राकृतिक खेती और पौष्टिक भोजन ही भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक के साथ प्राकृतिक कृषि अपनाने और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
समारोह में इंटर्नशिप पूरी करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। क्लब की नई कार्यकारिणी का गठन कर सक्रिय किसानों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में किसानों की समस्याओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई तथा कृषि विभाग के उपनिदेशक को मांगों और सुझावों का ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम के अंत में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को संगठित करने का संकल्प लिया गया।