रेवाड़ी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर को हरा-भरा बनाने के लिए पौधरोपण अभियान एक पेड़ मां के नाम योजना के तहत चलाएगा। इसमें शहरी आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी।
अभियान की शुरुआत जन स्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल परिसरों और अन्य विभागीय स्थलों से की जाएगी। इसके बाद सार्वजनिक स्थानों पर और वन विभाग की भूमि पर पौधे रोपे जाएंगे।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके बदले उन्हें मेहनताना दिया। विभागीय कर्मचारी पौधों की सुरक्षा, खाद-पानी और संरक्षण संबंधी कार्यों में महिलाओं का सहयोग करेंगे।
तय किया गया है कि प्रत्येक पौधे की कम से कम एक वर्ष तक निगरानी की जाएगी। यह अभियान भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण करना उद्देश्य
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विनय चौहान ने बताया कि यह अभियान केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जनभागीदारी आधारित सामाजिक आंदोलन है। इसका उद्देश्य रेवाड़ी को अधिक हराभरा बनाना और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना है। पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहयोग, रोजगार सृजन और जागरूकता जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जो शहर के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होंगी।