फोटो : 04एनएच-48 पर बावल स्थित हाई वॉल्टेज लाइन की बढ़ाई गई हाइट। स्रोत : विभाग
रेवाड़ी। रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो इसे लेकर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर बावल स्थित हाई वॉल्टेज लाइन के तारों की ऊंचाई बढ़ाकर 31 मीटर कर दी है। इसके लिए निगम ने टावर हटाकर मोनोपोल लगा दिए हैं। वहीं, पुराना बावल सब-स्टेशन में भी 33 साल पुराना ट्रांसफार्मर हटाकर नया लगाया है। यह कभी भी खराब हो सकता था, लेकिन अब नया लगने से परेशानी दूर हो गई है। इसे लेकर पिछले चार दिन बावल और 80 गांवों में बिजली कटौती की गई थी। मगर अब निगम की ओर से निर्बाध सप्लाई की जा रही है।
ओल्ड बावल सब-स्टेशन में चार ट्रांसफार्मर संचालित हैं। इनमें 3 ट्रांसफार्मर 16 एमवीए और 1 ट्रांसफार्मर 25 एमवीए क्षमता का है। यहां से बावल शहर समेत करीब 80 गांवों को बिजली सप्लाई की जाती है। 16 एमवीए क्षमता का एक ट्रांसफार्मर 33 साल पहले लगा था। इसे बदलकर नया लगाया गया है, ताकि खराब होने की समस्या न रहे और क्षेत्र में बेहतर तरीके से सप्लाई हो सके। ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य एक्सईएन संजय यादव के नेतृत्व में एसडीओ सोनू यादव, एसडीओ भरत मलिक और जेई अनूप यादव ने किया। ट्रांसफार्मर को एसई बीके राघव, एक्सईएन संजय यादव और एक्सईएन अमित मान की कमेटी ने एनर्जाइज किया। ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग एसडीओ नितिन यादव ने की।
आरआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत बनाया जा रहा है कॉरिडोर
दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान को रैपिड रेल से जोड़ने के लिए भारत सरकार दिल्ली से अलवर के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) प्रोजेक्ट के तहत कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार ने एनसीआरटीसी कंपनी को दी है। इस पर लगातार काम किया जा रहा है। कॉरिडोर नेशनल हाईवे (एनएच)-48 के साथ-साथ बनाया जा रहा है। जहां एचवीपीएनएल हाई वोल्टेज लाइन के तार बाधा बन रहे थे। इसलिए उन तारों की ऊंचाई बढ़ाकर 31 मीटर कर दी गई है। इससे रैपिड रेल कॉरिडोर आसानी से बन सकेगा।
वर्जन-
-रैपिड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए हाई वॉल्टेज लाइन को हाईवे से 31 मीटर ऊंचा किया गया है। यह काम पूरी तरह सफल रहा है। टीम को जो वक्त दिया गया था, उस तय समय में काम पूरा कर लिया गया है।
-बीके राघव, एसई (गुरुग्राम)।