रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना 199वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने धरनास्थल पर करीब 5 लाख की लागत से स्थायी सभा स्थल बनाने का निर्णय लिया है। भीषण गर्मी व तपती धरती के बीच भी दूर-दूर के किसान यहां लौट रहे हैं। वीरवार को गंगानगर, सीकर व हनुमानगढ़ के किसान यहां पहुंचे। वहीं बावल चौरासी ने 7 जुलाई को ट्रैक्टर परेड के लिए भी जनसंपर्क तेज कर दिया है।
बता दें कि आंदोलनकारी किसानों को फिर से समर्थन मिलने लगा है। वीरवार को धरनास्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता रामकिशन महलावत ने कहा कि केंद्र सरकार की जिद के कारण किसानों का आंदोलन तेजी पकड़ रहा है। 44 डिग्री तापमान में किसान तपती दोपहरी में खुले आसमान के नीचे बैठे है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को बावल चौरासी का पूरा समर्थन है। आगामी सात जुलाई को चौरासी के किसान सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर परेड कर यह साबित कर देंगे कि वह कृषि कानून रद्द होने तक किसानों के साथ खड़े हुए हैं।
5 लाख की लागत से बनेगा स्थायी सभा स्थल
किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं पवन दुग्गल व अमराराम ने बताया कि बॉर्डर पर 5 लाख रुपये की लागत से स्थायी सभा स्थल का निर्माण कराया जाएगा। ताकि आंधी-बारिश की वजह से उन्हें कोई परेशानी न हो। स्थायी सभा स्थल को लेकर किसानों में खुशी है।
बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया है। इस अवसर पर रणजीत राजू, सुमेर जेलदार, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत, रण सिंह व अतर सिंह नेहरा आदि किसान मौजूद रहे।