रेवाड़ी। सदर थाना क्षेत्र के एक गांव के अंदर घर में घुसकर महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने व लूटपाट करने की वारदात की गुत्थी को सुलझाते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जिला महेंद्रगढ़ के गांव गागड़वास निवासी संजू व राजस्थान के जिला चूरू के गांव किरतान मीणा की जोड़ी निवासी रामबाबू के रूप में हुई है। यह वारदात बावरिया गैंग ने की है।
पुलिस ने महेंद्रगढ़ से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग अपने ही समाज के लोगों को निशाना बनाता था। गैंग के मेंबर फरीदाबाद के अलावा राजस्थान में भी वारदातें कर चुके हैं। घटना के बाद गांव के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पुलिस को गैंग के एक मेंबर का सुराग लगा। इसके बाद पुलिस पड़ताल करते हुए आरोपियों तक पहुंची। गैंग के सदस्यों पर पहले भी दुष्कर्म, छेड़छाड़ और आर्म्स एक्ट के केस दर्ज हैं।
डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि बावरिया गैंग ने जिस घर को निशाना बनाया, उसकी रेकी गिरोह ने पहले से कर रखी थी। उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति के अलावा यह भी पता था कि परिवार का मुखिया 3 अप्रैल को घर से बाहर जाएगा। इसी वजह से गैंग ने वारदात के लिए 3 अप्रैल का दिन चुना। 3 अप्रैल की रात को 5 बदमाश 2 बाइक पर सदर थाना एरिया के गांव पहुंचे। गांव के बाहर उन्होंने अपनी बाइक गेहूं के खेत में छिपा दी और अपने मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिए।
गैंग के मेंबर घर की पिछली दीवार से होते हुए छत पर पहुंचे। छत पर जाने के बाद उन्होंने सबसे पहले वहां मौजूद ननद-भाभी को बंदूक के दम पर बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने दोनों महिलाओं को डरा-धमका कर उनके कपड़े उतरवाए और अश्लील हरकतें कीं। गैंग ने परिवार के बच्चों को उल्टा लटका दिया ताकि महिलाएं शोर न मचाएं।
इसके बाद उन्होंने घर में रखा सोना लूट लिया और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर तोड़ दी। जाते समय बदमाश धमकी दे गए कि घटना के बारे में किसी को बताया तो महिलाओं की वीडियो वायरल कर देंगे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पहले भी वारदातों को दे चुके अंजाम
डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ. रविन्द्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपी फरीदाबाद के छायंसा और राजस्थान के राजगढ़ में भी महिलाओं से दुष्कर्म व लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। डीएसपी ने बताया कि रेवाड़ी में वारदात के बाद आरोपी राजस्थान भाग गए। वहां से फिर फरीदाबाद में आकर वारदात की और दोबारा राजस्थान चले गए। गैंग के मेंबर बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। डीएसपी ने कहा कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर दूसरी घटनाओं का पता लगाया जाएगा। गैंग के फरार चल रहे बाकी 3 मेंबरों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।
ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
डीएसपी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस को परिवार ने बताया था कि डकैती को अंजाम देने वाले लोग बातचीत से उनके ही समाज के लग रहे थे। इसके बाद पुलिस ने बावरिया समाज के ऐसे युवाओं को टोह लेनी शुरू की, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को गांव के बाहर लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में 2 बाइक पर कुछ युवक जाते हुए नजर आए। इनमें एक बाइक महेंद्रगढ़ के गागड़वास गांव के संजू नामक युवक के पास देखी गई।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो संजू के खिलाफ दुष्कर्म और छेड़छाड़ के 2 मामले दर्ज मिले। पुलिस ने संजू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह सनकी लगा। संजू ने पूछताछ में राजस्थान के रामबाबू का नाम लिया। पुलिस ने रामबाबू को गिरफ्तार किया तो पता चला कि उस पर आर्म्स एक्ट के तहत पहले से केस दर्ज हैं।
जांच में पता चला कि इस गैंग के कुल पांच मेंबर हैं। यह सभी फरीदाबाद और राजस्थान के रहने वाले हैं। इसी गैंग ने 29 मई 2025 को फरीदाबाद के छायशा थाना एरिया में बावरिया समाज के ही एक परिवार को इसी प्रकार लूटा और परिवार की महिलाओं से दुराचार किया। 29 जून को गैंग ने राजस्थान में चुरू जिले के राजगढ़ में एक परिवार की महिलाओं को निशाना बनाते हुए दुराचार किया और सामान लूट लिया।