रेवाड़ी। नेशनल हाईवे-11 पर कुंड बैरियर के पास शुक्रवार की रात हुए हादसे में दो ममेरे भाइयों की मौत से दो घरों में मातम छा गया है। राजस्थान के झुंझुनू के गांव सई कलां निवासी सरजीत (26) और उसके रिश्ते में भाई चुरु जिले के गांव शिमला निवासी चेतन (19) दोनों अपने-अपने मातापिता के इकलौते पुत्र थे। दीपावली से पहले हादसे में दोनों की मौत से दो घरों के चिराग बुझ गए।
सरजीत और चेतन थार पर सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। कुंड बैरियर के पास बेकाबू हुई थार दूसरी लेन पर जाकर ट्रक से टकरा गई जिससे दोनों की मौत हो गई। चेतन अविवाहित था, जबकि सरजीत की शादी इसी साल फरवरी महीने में हुई थी। मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
रिश्तेदार और गांववाले लगातार परिवारों को ढांढस बंधा रहे थे लेकिन मां-बाप की आंखों से बहते आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। धनतेरस की वजह से दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ बिखर गया।
दिवाली से पहले जिस घर में सजावट की तैयारी हो रही थी, वहां अब मातम का सन्नाटा छा गया है। सरजीत के ताऊ अजयपाल ने बताया कि चेतन और सरजीत अपना स्वयं का व्यवसाय करते थे। शनिवार सुबह वे दिल्ली किसी काम से निकले थे। बताया कि रास्ते में अचानक पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने उनकी थार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद से दोनों के गांवों में शोक की लहर है।
माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
सरजीत, चेतन के मामा का बेटा था और दोनों सगे भाइयों की तरह साथ बड़े हुए थे। सरजीत की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि चेतन के माता-पिता अपने इकलौते बेटे के जाने से बेसुध हैं। परिजन बार-बार यही कह रहे हैं कि हमारे घर का उजाला चला गया, अब यह दिवाली हमारे लिए कभी नहीं लौटेगी। दिवाली से पहले हुए इस हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। गांव में हर कोई यही कह रहा है कि भगवान ने दोनों परिवारों के घरों के दीपक बुझा दिए। जिस घर में कुछ दिन पहले तक शादी की खुशी गूंजी थी, वहां अब केवल सन्नाटा और आंसू हैं।