सिविल अस्पताल की छत पर टंकी के नहीं ढक्कन। स्रोत : वीडियो ग्रैब
रेवाड़ी। नूंह के मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में तीन मृत बंदर मिलने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं रेवाड़ी के सिविल अस्पताल में अलग ही माजरा देखने को मिल रहा है। यहां सप्लाई किए जाने वाले पानी की टंकी बिना ढक्कन के पाई गई। इसमें कीड़ा चलते हुए दिखाई दे रहा था। हालांकि कीड़े को पीएमओ ने लार्वा बताया है।
हाल ही में नूंह के मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकी में मृत बंदर मिलने के बाद प्रदेश की अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की ओर से सभी जिलों को जरूरी निर्देश जारी किए गए थे। कहा गया था कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में पानी की टंकियों की जांच कर उन्हें साफ-सुथरा रखा जाए।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और टंकी पर ढक्कन लगाना शुरू किया गया। अस्पताल की छत पर सुपरवाइजर और प्लंबर को टंकी पर ढक्कन लगाते देखा गया। सुपरवाइजर ने बताया कि तेज आंधी के कारण टंकी का ढक्कन उड़ गया था। वहीं पानी में गंदगी और कीड़े होने के सवाल पर कहा कि वाटर सप्लाई में मिट्टी और कीचड़ आने के कारण ऐसा हो सकता है।
सुपरवाइजर के जवाब कई सवाल खड़े करते हैं कि यदि टंकी का ढक्कन उड़ भी गया था तो उस समय ठीक क्यों नहीं किया गया। साथ ही नियमित सफाई और निरीक्षण की जिम्मेदारी किसकी थी। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पीएमओ डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि सफाई कार्य चल रहा है। इस वजह से टंकी खुली हुई थी। ढक्कन आंधी की वजह से उड़ गए थे। उन्होंने बताया कि जिसे कीड़ा बताया जा रहा है, वह लार्वा था।
वर्जन
प्राथमिकता है कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। इसके लिए टंकी की सफाई की जा रही है। सफाई जल्द ही पूरी हो जाएगी।-डॉ. सुरेंद्र यादव, पीएमओ, सिविल अस्पताल रेवाड़ी।
सिविल अस्पताल की छत पर टंकी के नहीं ढक्कन। स्रोत : वीडियो ग्रैब