रेवाड़ी। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रंगमंच के माध्यम से भाषा ज्ञान, अभिव्यक्ति और सामाजिक संस्कारों से जोड़ने की पहल की जा रही है। बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) के तहत शिक्षा विभाग की ओर से ‘निपुण रामलीला’ का आयोजन किया जा रहा है।
इसके माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान जैसे पात्रों की भूमिका निभाकर संवाद बोलने, पढ़ने और अपनी बात आत्मविश्वास के साथ रखने का अभ्यास करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पठन कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करना है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, निपुण रामलीला के आयोजन की प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है।
इसके तहत दृश्य चयन और शुरुआती तैयारियां एक अक्तूबर से शुरू हो चुकी हैं। प्राथमिक विद्यालयों में 19 अक्तूबर तक बच्चों को रिहर्सल कराई जाएगी। इसी अवधि में किसी भी कार्य दिवस पर विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन अगले चरण के लिए किया जाएगा।
स्कूल से जिलास्तर तक होंगे आयोजन
निपुण रामलीला का आयोजन विद्यालय, क्लस्टर, खंड और जिला स्तर पर किया जाएगा। विभिन्न चरणों में चयनित बाल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। पूरी प्रक्रिया का समापन छह नवंबर तक जिला स्तरीय आयोजन के साथ होगा। इस गतिविधि के जरिये बच्चों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर अभिनय और संवाद के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, समूह में काम करने, अपनी बारी का इंतजार करने और दूसरों के विचारों को समझने जैसे सामाजिक गुणों को भी बढ़ावा मिलेगा।
निपुण रामलीला का यह है शेड्यूल
विद्यालय स्तर पर अभ्यास 19 अक्तूबर तक होगा। बच्चों को प्रतिदिन अभ्यास कराया जाएगा। विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिता 19 अक्तूबर तक होगी। किसी भी कार्यदिवस पर स्कूलस्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। क्लस्टर स्तर पर प्रतियोगिता 21 से 30 अक्तूबर तक होगी। विद्यालय स्तर पर चयनित विजेताओं के बीच क्लस्टर स्तरीय मुकाबले होंगे। ब्लॉक व जिला स्तर पर प्रतियोगिता 31 अक्तूबर से 6 नवंबर तक होगी। 6 नवंबर तक जिला स्तरीय अंतिम प्रतियोगिता और विजेताओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।
वर्जन :
निपुण रामलीला से बच्चों की वाचन क्षमता, शब्दावली, स्पष्ट उच्चारण और आत्मविश्वास बढ़ेगा। अभिनय से मंच का डर दूर होगा। विजेता बच्चों और स्कूलों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।-चरण सिंह, जिला को-ऑर्डिनेटर, एफएलएन