किशनगढ़ बास के रूंध गिदावड़ा में गोकशी और बीफ मंडी चलाने के मामले में पुलिस ने मेवात के तीन सरपंचों को उनके क्षेत्र में गोकशी होने पर इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा है। खास बात यह है कि मामले में सरपंचों से अंडरटेकिंग भी ली जा रही है। साथ ही पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने इस मामले में 9 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 22 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इनमें कयूम पर 2012 में कोटपूतली, 2013, 2018, 2019 और 2022 में किशनगढ़बास में गोवंश अधिनियम, हत्या के प्रयास और आबकारी एक्ट सहित कई अपराधों में 5 केस दर्ज हैं। जबकि मनान पर ततारपुर, इब्राहिम पर अलवर सदर थाना, साहुन व खालिद पर किशनगढ़बास थाने में मुकदमे दर्ज हुए थे।
पुलिस का कहना है कि पूर्व में पकड़े आरोपियों से पूछताछ में कई और लोगों की भूमिका बीफ मंडी मामले में सामने आई है। इनकी जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस की 11 टीमें कार्रवाई में जुटी हैं। दूसरी तरफ पकड़े गए आरोपियों में से पांच की रिमांड अवधि खत्म हो गई है और उन्हें जेल भेजा जा चुका है।
मेवात क्षेत्र को लेकर रिमांड में हुआ था खुलासा
गौरतलब है कि आरोपियों से राजस्थान पुलिस को पूछताछ में मालूम चला था कि यह पूरा नेटवर्क केवल अलवर तक ही सीमित नहीं है। यह नेटवर्क हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में फैला हुआ है।
पूछताछ में हरियाणा के मलाका, चीला, पंचगांव, टपकन, घासेड़ा, चाहलका, घाघस, कंसाली और मेवली में गोकशी के ठिकानों का भी पता चला है। फिलहाल हरियाणा पुलिस को पत्र भेजकर गोकशी नेटवर्क के बारे में अलर्ट किया गया है। जिन क्षेत्रों को लेकर खुलासा हुआ है, अधिकतर क्षेत्र नूंह जिले में हैं। पूछताछ में नूंह जिले के अधिकतर गांवों के नाम सामने आने के बाद वहां के पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस लगातार इस मामले में नजर बनाई हुई है।
गोकशी रोकने के लिए सर्व समाज के साथ होगी महापंचायत
मेव पंचायत ने गोकशी और गो-तस्करों को लेकर सर्व समाज के साथ एक महापंचायत करने की बात कही है। गौरतलब है कि बिरसंगपुर गांव के समीप रूंध गिदावड़ा में कई वर्ष से बीफ मंडी खुलेआम चलती थी। मामले में किशनगढ़बास थाने के 38 कर्मी, सरकारी जमीन पर कनेक्शन देने में बिजली एईएन, गोकशी करने वालों के अवैध जमीन कब्जों की रिपोर्ट नहीं देने में पटवारी और नायब तहसीलदार हटाए जा चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों से लेकर नेताओं तक को थी मामले की जानकारी
इस पूरे मामले का पता पुलिस अधिकारियों से लेकर स्थानीय नेताओं को भी था। मगर आज तक किसी ने भी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटाई। मामला खुला तब जब तत्कालीन एसपी ने थानाधिकारी पर जानकारी न देने का ठीकरा फोड़ा। पूर्व विधायक का कहना था कि उन्होंने इसकी जानकारी तत्कालीन एसपी को दी थी, मगर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
गोकशी को लेकर सरपंचों से जानकारी मांगी गई है। अब क्षेत्र में ऐसे अपराध पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
-राजीव, थानाधिकारी, किशनगढ़ बास ( राजस्थान)