रेवाड़ी। बिजली निगम की आधी-अधूरी तैयारी शहरवासियों का पसीना निकाल रही है। शहर के 31 वार्ड की प्रत्येक कॉलोनी में रात के समय लगने वाले अघोषित कटों से लोगों का जागरण शुरू हो गया है। निगम अधिकारी खुद मान रहे हैं कि खतप इतनी बढ़ जाएगी इसका आकलन नहीं कर सके, इसके चलते परेशानी बढ़ गई है। अब निगम की ओर से आह्वान किया जा रहा है कि उपभोक्ता लाइनमैन के नंबर पर कॉल करने की बजाय टोल फ्री 1912 पर फोन करे, ताकि जल्द समाधान हो सके।
मई के शुरुआती दिनों में बिजली यूनिट की खपत करीब 39 लाख से 49 लाख यूनिट प्रतिदिन चल रही थी। लेेकिन जून शुरू होते ही खपता 70 लाख यूनिट तक बढ़ गई। निगम का मानना है कि खपत में बढ़त 20 प्रतिशत तक मानकर चल रहे थे, लेकिन डेढ़ गुना से भी ज्यादा बढ़ी तो परेशानी खड़ी हो गई। वीरवार की रात को भी शहर के मॉडल टाऊन से लेकर सेक्टर व कॉलोनियों मेें बिजली के कट लगते रहे, जबकि अधिकारियों की ओर से लोड शिफ्ट कर राहत देने की बात कही जा रही थी। ऐसे में सवाल है कि आखिर निगम की ओर से पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई, क्योंकि गर्मी ज्यादा पड़ने की चेतावनी पहले ही मौसम विभाग की ओर से दी जा चुकी थी।
निगम ने समाधान के लिए की टीम गठित
बढ़ती बिजली समस्याओं को देखते हुए निगम की ओर से रात के के लिए क्विल रेसपोंस टीम का भी गठन किया हैं। टोल फ्रीन नंबर 1912 पर कॉल आने के तुरंत बाद टीम पहुंचकर समाधान करेगी। क्योंकि रात के समय देखा गया कि कर्मचारी समय पर नहीं कर पा रहे थे, इसका बड़ा कारण कर्मचारियों की संख्या का कम होना भी है। अब दावा किया जा रहा है कि जल्द समाधान हो पाएगा।
पेयजल की किल्लत भी बढ़ने लगी
बिजली संकट के चलते अब पेयजल किल्लत पहले से ज्यादा बढ़ गई है। शहरवासी पहले से ही पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैैैैं। जन स्वास्थ्य विभाग की टीम एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल की सप्लाई कर रही है। जिस दिन पानी का नंबर होता है बिजली चली जाती है, इसके चलते पेयजल सप्लाई से लोग वंचित रह जाते हैं। इसके चलते लोगों को टैंकर भी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है।
15 से 20 प्रतिशत तक खपत बढ़ने का आकलन था, लेकिन खपत डेढ़ गुना से भी ज्यादा बढ़ गई। लोक शिफ्ट करने का काम चल रहा है। लोगों से अपील है कि शिकायत होने पर 1912 पर कॉल करें, ताकि जल्द समाधान हो सके।