रेवाड़ी। कोरोना संक्रमण के चलते पटरी से उतरी रोडवेज की व्यवस्था दोबारा दुरुस्त हो रही है। लॉकडाउन में छूट मिलने के साथ ही प्रतिदिन रोडवेज बसों के फेरों की संख्या पांच गुना तक बढ़ गई है। दस दिन पूर्व जहां रोडवेज बसों के फेरों की संख्या 20 थी, वहीं अब बढ़कर 100 के करीब हो गई है।
इसके साथ रोडवेज की प्रतिदिन की कमाई में भी डेढ़ लाख रुपये से बढ़कर पांच लाख के करीब पहुंच गई है। हालांकि कोरोना से पूर्व रोडवेज की प्रतिदिन की कमाई 11 लाख रुपये से अधिक थी। लेकिन लॉकडाउन में छूट मिलने के साथ ही रोडवेज विभाग की व्यवस्था लौट रही है। लॉकडाउन के दौरान महेंद्रगढ़, नारनौल, गुरुग्राम, कोसली, झज्जर रूट पर ही बसों का संचालन किया जा रहा था।
अब इन रूटों पर शुरू हुआ बसों का संचालन
पिछले दस दिनों के दौरान रोडवेज प्रबंधन की तरफ से दिल्ली, जयपुर, अलवर, चंडीगढ़ व जालंधर रूट पर बसों का संचालन शुरू कर दिया है। रोडवेज प्रबंधन की तरफ से इन रूटों पर सवारियां की मांग अनुसार बसें संचालित की जा रही हैं। आने वाले दिनों में रोडवेज को और राहत मिलने की उम्मीद है।
रोडवेज के महाप्रबंधक अशोक कौशिक ने बताया कि लॉकडाउन के चलते अंतरराज्यीय रूटों पर बसों का संचालन बंद था। अब जैसे-जैसे छूट मिल रही है, बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। कुछ नए रूटों पर बसों का संचालन शुरू किया गया है। सवारियों की मांग के अनुसार विभिन्न रूटों पर बसें भेजी जा रही हैं।