फोटो: 20रेवाड़ी। पिंजरा में कैद हुआ तेंदुआ। स्रोत: वन विभाग
बावल। बावल के सरकारी कॉलेज परिसर में घूम रहा तेंदुआ दिवाली से एक दिन पहले रात करीब 10 बजे के आसपास पकड़ा गया था। तेंदुए को गुरुग्राम वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है। अभी तक की जांच में पता चला है कि यह मादा तेंदुआ थी।
तेंदुआ के करीब एक सप्ताह से कॉलेज परिसर की झाड़ियां में घूमने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने समय तक तेंदुआ यहां पर कैसे रह गया। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए के शावक परिसर के जंगल में आए होंगे, इसी वजह से तेंदुआ यहां पर रहकर लगातार शिकार कर रहा था। नहीं तो इतने दिन तक तेंदुए का यहां रुकने का कोई भी मतलब नहीं था।
अब वन विभाग की टीम फिर से यहां पर आएगी और यह जांच करेगी कि कहीं तेंदुए का कोई शावक जंगल में तो नहीं घूम रहा है। बता दें कि 19 अक्तूबर को रविवार की रात तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया गया था। रात के समय तेंदुआ कॉलेज परिसर में घूम रहा था। इसी दौरान तेंदुआ पिंजरा में कैद हो गया था।
तेंदुआ लगातार चार बार सीसीटीवी कैमरे में दिखा था
तेंदुआ लगातार चार बार सीसीटीवी कैमरे में दिखा था। उसके बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार उस पर निगरानी रखनी शुरू कर दी। तेंदुआ रात के समय में ही दिखाई देता था। दिवाली के बाद कॉलेज की छुट्टियां खत्म होने वाली थी। ऐसे में तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग पर भी काफी दबाव था। फिलहाल तेंदुआ पकड़े जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
चौकीदार ने तेंदुआ होने की दी थी जानकारी
कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र से कुत्ते कई दिनों से गायब हो रहे थे। कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो उसमें एक वन्य जीव नजर आया था। गौर से देखने पर तेंदुआ होने की पुष्टि हुई। इसकी जानकारी कॉलेज के चौकीदार जितेंद्र ने दी थी।