रेवाड़ी। पंचकूला में वीरवार को हुए ड्रॉ के दौरान रेवाड़ी नगर परिषद के प्रधान का पद एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है जबकि धारूहेड़ा नगर पालिका प्रधान का पद अनारक्षित रखा गया है। धारूहेड़ा नगर पालिका की सीट इस बार भी अनारक्षित है जबकि नगर परिषद रेवाड़ी की सीट बीसीबी वर्ग के लिए आरक्षित थी जो इस बार एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई।
आरक्षण के इस फैसले से जिले की सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। बदले समीकरण के हिसाब से अलग-अलग दल अब अपनी तैयारी में जुट जाएंगे। वर्ष 2013 में भी रेवाड़ी नगर परिषद प्रधान का पद एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। इसके बाद 2020 में यह पद बीसीबी महिला वर्ग को मिला।
अब एक बार फिर यह सीट एससी महिला वर्ग के खाते में चली गई है। इसी वजह से चुनाव की तैयारियों में जुटे कई संभावित दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर गया है, जो नेता लंबे समय से जनरल या बीसीबी सीट मानकर रणनीति बना रहे थे, उन्हें अब अपने समीकरण बदलने पड़ रहे हैं।
एससी वर्ग की आबादी 35 हजार : पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) के आंकड़ों के हिसाब से रेवाड़ी नगर परिषद क्षेत्र में एससी वर्ग की आबादी 35 हजार है। यदि सीट जनरल होती तो विभिन्न समाजों से बड़ी संख्या में दावेदार सामने आते और खासतौर पर भाजपा में टिकट को लेकर जबरदस्त घमासान देखने को मिलता।
एससी महिला के लिए सीट आरक्षित होने से यह माना जा रहा है कि बड़े स्तर पर आंतरिक विरोध की स्थिति फिलहाल नहीं बनेगी, क्योंकि एससी समाज में अभी इस फैसले को लेकर ज्यादा असंतोष नहीं दिख रहा है। इसी हिसाब से सीट को भी तय किया जाना माना जा रहा है।
रेवाड़ी में चार प्रमुख चेहरे माने जा रहे प्रधान पद के दावेदार
रेवाड़ी नगर परिषद के प्रधान पद पर इस समय एससी महिला वर्ग से चार प्रमुख चेहरों को दावेदार माना जा रहा है। इनमें पूर्व प्रधान विनीता पीपल, शुकंतला भांडोरिया, पूर्व पार्षद अमृत कला टिकानिया और कुसुम मुरली के नाम प्रमुख हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के स्तर पर इन नामों को लेकर मंथन तेज होने की संभावना है। राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी तैयारी अब इसी हिसाब से शुरू कर दी है। उधर, धारूहेड़ा नगर पालिका की सीट सामान्य रहने से मुकाबला सीधा और कड़ा होने के आसार हैं। पिछली बार की तरह एक बार फिर संदीप बोहरा मौजूदा प्रधान कंवर सिंह को चुनौती दे सकते हैं। कुल मिलाकर आरक्षण के ड्रॉ के बाद रेवाड़ी और धारूहेड़ा दोनों जगह चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। अब सभी दल नई रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गए हैं।
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दो एससी महिला प्रधानों ने संभाली थी कुर्सी
20 मार्च 2013 को एससी आरक्षित सीट पर शकुंतला भांडोरिया प्रधान मनोनीत हुईं थीं। तीन साल सात माह तक नहीं उनका कार्यकाल चला। हटने के बाद प्रधान ने आरोप लगाया था कि पार्षदों ने तीन साल तक अपने निजी स्वार्थ के लिए विकास कार्य नहीं होने दिए। हटाने वाले पार्षदों का आरोप था कि मनमानी और विकास के नाम पर किसी भी वार्ड में विकास नहीं हो पाया। तब साढ़े तीन साल प्रधान रहीं शकुंतला भांडोरिया को हटाने में पार्षदों को एक घंटा लगा था। भांडोरिया के हटने के बाद चार महिला एससी पार्षद प्रधान की दावेदारी में थीं। इसमें इंदु मुरली, विनिता पीपल, अमृतकला टिकानियां, गायित्री कर्दम शामिल थीं। उसके बाद विनिता पीपल को प्रधान चुना गया था।
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वार्डों का पहले ही हो चुका आरक्षण
रेवाड़ी नगर परिषद में वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। वार्ड 3, 24, 27, 28, 30 और 32 एससी व 27 और 30 एससी महिलाओं के लिए आरक्षित है। वार्ड 9,13,16 बीसीए वार्ड 11, 20, 25 और 26 बीसीबी, 13 बीसीए व 11 और 20 बीसीबी महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड 2, 5, 8, 15 और 23 सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।