रेवाड़ी। जिले में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात फिर से चिंताजनक हो गए हैं। पिछले दो दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़े रेड जोन में दर्ज किए गए हैं जिससे साफ पता चलता है कि हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुकी है।
मंगलवार को अधिकतम प्रदूषण स्तर 320 दर्ज किया गया जबकि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी 302 रहा था। दोनों ही दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रही।
मौसम में बदलाव, हवा की गति में कमी और कुछ गतिविधियों पर नियंत्रण न होना प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। सुबह और रात के समय हवा भारी महसूस हो रही है जिससे धुंध और स्मॉग बनने लगा है।
इससे दृश्यता पर भी असर पड़ रहा है और सड़क पर वाहन चलाने वालों को परेशानी हो रही है। कई इलाकों में धूल, वाहन धुआं, कचरा जलाने और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं ने मिलकर वातावरण की हालत और बिगाड़ दी है।
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सुबह शाम धूल और धुएं की मोटी परत छाई रही
सुबह शाम धूल और धुएं की मोटी परत छाई रही। धुंध के साथ जब प्रदूषण मिला तो दृश्यता भी काफी कम हो गई। मुख्य सड़कों, खासकर, सर्कुलर रोड, दिल्ली रोड, धारूहेड़ा और बावल क्षेत्र में प्रदूषण का असर ज्यादा दिखा। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक हवा की गति धीमी रहने की संभावना है। इसके चलते प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने नगर परिषद और औद्योगिक इकाइयों को पानी का छिड़काव बढ़ाने, सड़कों की सफाई और निर्माण स्थलों पर ढकाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अभी ग्रैप का तीसरा चरण है लागू
अगर एक्यूआई 201 से 300 के बीच है तो हवा खराब मानी जाती है। 301 से 400 के बीच एक्यूआई होने पर हवा बहुत खराब होती है, जब एक्यूआई 401 से 450 के बीच होता है तो हवा गंभीर श्रेणी में आती है। अगर एक्यूआई 450 से ऊपर चला जाए तो हवा बेहद गंभीर मानी जाती है। अभी ग्रैप का तीसरा चरण लागू है।
पिछले दिनों का प्रदूषण का स्तर