फोटो : 5बस स्टैंड पर खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
रेवाड़ी। रेवाड़ी डिपो की 35 बीएस-4 बसों को नाॅन-एनसीआर क्षेत्रों के डिपो में भेजा जाएगा। इन बसों के बदले रेवाड़ी डिपो को 35 नई बीएस-6 बसें मिलेंगी। यह कदम बीएस-4 बसों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध के कारण उठाया गया है ताकि रेवाड़ी-दिल्ली यात्री परिवहन सेवाएं निर्बाध जारी रह सकें और प्रदूषण नियमों का पालन भी हो सके।
नई बसें कंपनी में बनाई जा रही हैं जहां से सीधे रेवाड़ी डिपो को भेजी जाएंगी। दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से दिल्ली में बीएस-4 बसों पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसलिए रेवाड़ी डिपो की तरफ से वहां बीएस-4 की बसें नहीं भेजी जा सकती। रेवाड़ी डिपो के पास अभी भी करीब 35 बसें बीएस-4 की हैं जो दिल्ली तो नहीं भेजी जा रही हैं लेकिन इनके कारण टाइम मिस होने की संभवाना रहती है।
दिल्ली सिर्फ बीएस-6 बसें ही भेज सकते हैं
दिल्ली सिर्फ बीएस-6 बसें ही भेज सकते हैं, इसलिए इन्हें बदला जा रहा है ताकि फिर किसी भी बस को आसानी से दिल्ली भेजा सकेगा। इसके लिए रोडवेज ने तैयारी कर ली है जहां धारूहेड़ा की निजी कंपनी को ठेका दिया गया था जो ये सभी बसें बनाई जा रही हैं। जैसे ही नई बसें बनकर तैयार होंगी उन्हें डिपो में लाया जाएगा और रूटों पर चलाया जाएगा
बीएस-4 की पुरानी बसों को भी निकाला जा रहा
बीएस-4 की पुरानी बसों को भी निकाला जा रहा है जिन्हें नॉन एनसीआर क्षेत्र के डिपो में चलाया जाएगा। विभाग की ओर से तैयारी भी कर ली गई है। जैसे ही हेड क्वार्टर के आदेश आएंगे, बसों को रेवाड़ी से नॉन एनसीआर क्षेत्र के डिपो के लिए रवाना कर दिया जाएगा। नई बसें आने से पहले अगर इन बसों को भेजा जाएगा तो फिर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ये सभी बसें ग्रामीण रूटों पर चलती हैं, इसलिए अगर नई बसें आने से पहले ही भेजी गई तो फिर परेशानी हो सकती है।
वर्जन:
डिपो की कुछ दिनों में सभी बसें नई होंगी। हमारी 35 बसें तैयार हैं जिन्हें नॉन एनसीआर क्षेत्र में भेजा जाएगा। यहां नई बसें आएंगी जो फिलहाल तैयार की जा रही हैं। -निरंजन शर्मा, जीएम, रोडवेज रेवाड़ी।