संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) मिताली अग्रवाल की अदालत ने जुआ अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी राहुल उर्फ गौरव को दोषी करार देते हुए उसके ऊपर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जुआ मामले में मॉडल टाउन क्षेत्र निवासी आरोपी राहुल उर्फ गौरव को ट्रायल के लिए पेश किया गया। आरोपी की अदालत में उपस्थिति के बाद उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 207 के तहत आवश्यक दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराई गई। इसके बाद पुलिस की ओर से धारा 173 सीआरपीसी के तहत प्रस्तुत रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए।
आरोपी राहुल उर्फ गौरव ने अदालत के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया और किसी प्रकार का मुकदमा लड़ने की इच्छा नहीं जताई। अदालत ने आरोपी से सामान्य प्रश्न पूछे और यह सुनिश्चित किया कि उसका स्वीकारोक्ति बयान पूरी तरह स्वेच्छा से दिया गया है।
यह मामला थाना मॉडल टाउन में दर्ज एफआईआर से संबंधित है, जिसमें आरोपी राहुल के खिलाफ हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट 2025 की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई थी।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि चूंकि आरोपी ने अपनी मर्जी से दोष स्वीकार किया है, इसलिए उसे हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट 2025 की धारा 3(1) के तहत दोषी ठहराया जाता है। अदालत ने आरोपी को दोष सिद्ध करार देते हुए सजा के प्रश्न पर अलग से सुनवाई करने का आदेश दिया।
इसके बाद सजा के निर्धारण को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें राज्य की ओर से लोक अभियोजक तथा आरोपी की ओर से लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान आरोपी ने स्वयं को प्रथम बार अपराध में लिप्त बताया और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने का आश्वासन देते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की।
मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अदालत आरोपी को जुर्माने से दंडित किया। दोषी ने जुर्माने की राशि तुरंत जमा कर दी।