जाट धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में शपथ लेते लोग। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। जाट धर्मशाला में जाट समाज व अनुसूचित जाति संगठन के संयुक्त तत्वावधान में दीनबंधु सर छोटूराम की जयंती, संविधान दिवस और गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि चौधरी युद्धवीर सिंह सहरावत ने कहा कि देश की एकता, न्याय व समानता का मजबूत आधार बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर द्वारा रचित संविधान है।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता बलराज मलिक, सुरेश द्रविड़ व सुभाष कुंडू मौजूद रहे। इस दौरान दीनबंधु सर छोटूराम के किसानों के हितों के लिए किए गए संघर्ष और गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय बलिदान को विस्तार से याद किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की शिक्षाओं को अपनाकर समाज शिक्षा, सद्भाव और भाईचारे की दिशा में आगे बढ़ सकता है। समारोह में जातिवाद को खत्म करने, पाखंड से दूर रहने और समाज में एकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। सभी वक्ताओं ने जनसमूह से आह्वान किया कि समाज को संगठित होकर समान अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए प्रयास करने होंगे।
कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के प्रधान, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता चौधरी सूरत सिंह प्रधान ने की। कार्यक्रम का मंच संचालन एडवोकेट राजकुमार व हंसराज ने किया। मेहमानों का स्वागत धनपत सिंह बडेसरा, रामकिशन महलावत, भरत नंबरदार, युद्धवीर फोगाट, ईश्वर सिंह व बुधराम ने किया।