बावल। औद्योगिक क्षेत्र बावल की एक बड़ी नामी कंपनी में पिछले 10-15 सालों से नौकरी कर रहे 300 से अधिक अस्थाई कर्मचारियों को जहां नियमित किए जाने की उम्मीद बंधी हुई थी, वहीं उनकी उम्मीद उस समय टूट गई, जब कंपनी प्रबंधकों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। माना जा रहा है कि लॉकडाउन के कारण यह छंटनी की गई है। पिछले एक पखवाड़े से अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने शनिवार को गांव सुठानी के खेल मैदान में एक महत्वपूर्ण सभा की। जिसमें निर्णय लिया गया कि 6 जुलाई को कंपनी के गेट के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन को लेकर सात सदस्यीय समिति गठित की गई। जिसका प्रधान लक्ष्मीनारायण को नियुक्त किया गया।
पूरी जवानी कंपनी को खड़ा करने में दी
उन्होंने संघर्ष की घोषणा करते हुए कहा कि वे 15-20 साल से कंपनी के लिए पसीना बहा रहे थे। जिसके चलते कंपनी भारी मुनाफे में आई। हमने अपनी सारी जवानी कंपनी के नाम कर दी। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी नौकरी स्थायी हो जाएगी। लेकिन कंपनी ने उनके साथ धोखा किया। अब वे कहीं नौकरी करने लायक भी नहीं हैं। इस मौके पर सतबीर, रतिराम, मुकेश, ओमपाल, संजय, महेंद्र व राजेश सहित अन्य उपस्थित थे।
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