रेवाड़ी। हरियाणा विधानसभा की शिक्षा, मेडिकल एंड रिसर्च और तकनीकी शिक्षा समिति के चेयरमैन और विधायक लक्ष्मण सिंह यादव शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं का जायजा लिया। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए छह माह का समय देने पर बिफर गए। कहा कि 6 माह इंतजार करते-करते तो मरीज मरकर दोबारा उठ जाएगा।
विधायक ने कहा कि अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को छह माह इंतजार कराना उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्था की गति बढ़ाने को कहा और इस मुद्दे को विभागीय उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराने की बात कही।
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के साथ समिति के सदस्य बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, होडल के विधायक हरेंद्र सिंह, महम के विधायक बलराम दांगी, नलवा के विधायक रणधीर पणिहार ने नागरिक अस्पताल के बाद इंदिरा गांधी मीरपुर यूनिवर्सिटी और सेक्टर-18 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय का निरीक्षण किया। डीसी अभिषेक मीणा, एसडीएम सुरेश कुमार, विधानसभा के अधिकारी जसवंत यादव शामिल रहे।
समिति के सदस्यों ने आईजीयू मीरपुर का दौरा किया। यहां विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार संचालित किया जाए। यूनिवर्सिटी में स्थाई और अस्थाई सभी कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगनी चाहिए। अस्थाई कर्मचारी को हटाने से पहले उसकी आजीविका सुरक्षा का ध्यान रखा जाए।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी, रजिस्ट्रार दिलबाग सिंह और प्राध्यापक डाॅ. पंकज त्यागी ने आईजीयू की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। फिर शिक्षा समिति ने सेक्टर-18 के महिला महाविद्यालय का निरीक्षण तथा प्राचार्य ज्योति यादव को कॉलेज प्रबंधन के लिए अपने सुझाव दिए।
इंसेट
एक सप्ताह में एफओबी की छत की मरम्मत के निर्देश
अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि सरकार ने अस्पताल का दर्जा 200 से बढ़ाकर 300 बेड कर दिया है। जल्द ही अस्पताल परिसर में नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। अस्पताल और ट्राॅमा सेंटर के बीच बने फुट ओवरब्रिज को अभी शुरू नहीं किया गया है। इसका कारण एफओबी की छत क्षतिग्रस्त होना बताया गया। समिति ने इस कार्य को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। डीसी अभिषेक मीणा ने बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता को मौके पर बुलाकर एक सप्ताह में छत की मरम्मत और लिफ्ट को सीएमओ के हैंडओवर करने के निर्देश दिए। चेयरमैन लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्था भी नई बिल्डिंग में ही करवाई जाए।
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समिति ने दिए ये सुझाव
विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने सुझाव दिया कि नई बिल्डिंग के गेट के पास ही शवगृह बनवाया जाए जिसका अलग गेट हो। विधायक बलराम दांगी ने कहा कि अस्पताल में होने वाले टेस्ट और बढ़ाए जाएं। विधायक हरेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि अस्पताल में दवाइयों का स्टॉक पूरा होना चाहिए।
एनएचएम के एमडी डॉ. आरएस ढिल्लो ने बताया कि भविष्य में हर एक गर्भवती की डिलीवरी के लिए अस्पताल को पहले ही चिह्नित कर लिया जाएगा। महिला यदि चाहे तो निजी अस्पताल भी जा सकती है। गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए एंबुलेंस सेवा मुहैया करवाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने सुझाव दिया कि बायोप्सी का टेस्ट यहां से सैंपल भेजने पर गुरुग्राम लैब से करवाया जा सकता है। समिति ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर संतोष जताया।