रेवाड़ी। इंतकाल की प्रक्रिया को सरल बनाने और नागरिकों को राहत देने के लिए ऑटो म्यूटेशन प्रणाली से इंतकाल किया जा रहा है। इससे आम नागरिकों को तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जमाबंदी, इंतकाल, डिजिटल हस्ताक्षरित रजिस्ट्री और अन्य राजस्व अभिलेखों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था के तहत पंजीकरण के बाद इंतकाल पहले चार दिन संबंधित पटवारी के लॉगिन में रहेगा। पटवारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन का समय दिया जाएगा। यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं होती है तो पांचवें दिन इंतकाल स्वत कानूनगो के लॉगिन में भेज दिया जाएगा। कानूनगो को आवश्यक कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मिलेगा।
उन्होंने बताया कि सातवें दिन इंतकाल स्वत संबंधित सीआरओ के लॉगिन में पहुंच जाएगा, जहां आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन का समय निर्धारित किया गया है। यदि 11वें दिन तक निर्धारित समय में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो इंतकाल स्वत जमाबंदी में दर्ज हो जाएगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि इंतकाल किसी एक स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई तथा जवाबदेही बनी रहे।
नागरिकों के लिए विशेष ऑनलाइन शिकायत निवारण व्यवस्था भी शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से नागरिक निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी न होने पर अपनी इंतकाल से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकेंगे और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
संबंधित विभाग अथवा अधिकारी द्वारा शिकायत पर 10 दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि नियमों के अनुसार इंतकाल किया जा सकता है तो नागरिक को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, यदि किसी कारणवश इंतकाल नहीं किया जा सकता, तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पष्ट कारणों सहित आदेश पारित किया जाएगा।
समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
डीसी अभिषेक मीणा ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में यदि किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी को वास्तविक तकनीकी समस्या, संचालन संबंधी कठिनाई या कोई सकारात्मक सुझाव सामने आता है तो उसे उचित माध्यम से विभाग के संज्ञान में लाया जाए, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके।