संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस राजेश भारद्वाज ने मंगलवार को कोसली न्यायिक परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कानून की पढ़ाई आज सबसे प्रतिष्ठित मानी जाती है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा ली जा रही है। कानून के क्षेत्र में महिलाओं का आना सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दृष्टि से रेवाड़ी उनका चौथा जिला है, जिससे उनका अधिक लगाव है। उन्होंने कहा कि कानूनी व्यवसाय में अब काफी प्रतिभावान महिलाएं आ रहीं हैं, जो केवल अधिवक्ता ही नहीं, न्यायिक अधिकारियों के पद पर विराजमान हैं। यह दर्शाता है कि आधुनिक परिवेश में हमारी लड़कियां कितनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बताया कि बावल में सोमवार को नए न्यायिक परिसर का शिलान्यास किया गया था। यह मामला पिछले काफी समय से लंबित चला आ रहा था। कोसली बार एसोसिएशन की मांगों पर उन्होंने कहा कि वकीलों की मांगों पर सहानुभूति से विचार किया जाएगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र सिंह वधवा ने कहा कि कोसली बार एसोसिएशन का हमेशा सहयोगात्मक रुख रहा है। यहां बार की जो भी समस्याएं हैं, उनका न्यायोचित समाधान करवाया जाएगा। कोसली बार एसोसिएशन के प्रधान विनय कुमार व अधिवक्ता जयकिशन ढिल्लो ने उच्च न्यायाधीश का स्वागत किया। एडवोकेट गुरदयाल सिंह, राकेश लांबा, ममता यादव व कैप्टन सुभाष ने संबोधित किया। इससे पहले कोसली आगमन पर पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश भारद्वाज को सलामी दी। अधिवक्ताओं ने पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर रेवाड़ी के जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र सिंह वधवा, एसीजे सीनियर डिवीजन अशोक कुमार, सीजेएम डाॅ. रेणु सोलखे, सीजेएम अमित वर्मा, जेएमआईसी निशा, एसडीएम विजय कुमार यादव, डीएसपी विद्यानंद, बार एसोसिएशन के प्रधान विनय कुमार, जयकिशन ढिल्लो व रेवाड़ी बार के प्रधान विश्वामित्र यादव आदि मौजूद रहे।