डॉ. सागर अरोड़ा
भिवाड़ी। मिट्टी में दबे मजदूर की सांसें धीमी होती जा रही थीं। हर तरफ चीख पुकार सुनाई दे रही थी। राहत कार्य में जुटे लोग मलबे से लोगों को निकालने के लिए जद्दोजहद करते रहे। लेकिन फिर भी लोगों की अस्पताल में सांसें थम गईं। यह मंजर जिसने भी देखा वह सहम गया। यह कहना था एंबुलेंस चालक राजू का जो सूचना मिलते ही बचाव कार्य के लिए पहुंचे थे।
सिधरावली में सोमवार देर रात दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर दिया। ग्लोबल सिग्नेचर नामक निर्माणाधीन सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम चल रहा था। तभी अचानक बेसमेंट में मिट्टी की दीवार धंस गई। हादसे में कुल 10 मजदूर दब गए जिनमें से 7 की जान चली गई।
चालक ने बताया कि मजदूर को बचाने के लिए राहत कार्य तुरंत शुरू किया गया। आसपास के लोग और अन्य मजदूरों ने मिलकर दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन मलबा इतना था कि लोगों को सांस भी नहीं मिल सकी।
एंबुलेंस चालक राजू ने बताया कि सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। मंजर देखकर चकित रह गया। मिट्टी में दबे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं था। बाद में शवों को भिवाड़ी के अस्पताल ले जाया गया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि मिट्टी का दबाव इतना अधिक था कि मजदूरों को बाहर निकालना बेहद कठिन था।
मृतकों में से एक के भाई नरेंद्र ने कहा कि फोन आया कि हादसा हो गया है। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि भाई सतीश भी इसमें शामिल था। हादसा लापरवाही की वजह से हुआ। यह सब सोचकर दिल बहुत दुखता है।
इलाज के दौरान 7 लोगों की गई जान
भिवाड़ी अस्पताल इंचार्ज डॉ. सागर अरोड़ा बताया कि हमारे यहां पर सात लोग आए थे। सभी मिट्टी में दबे हुए प्रतीत हो रहे थे। एकदम से इतनी सारी बॉडी देखकर काफी अचंभव हुआ। बाद में इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई। घायल लोगों को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा काफी खतरनाक था।
डॉ. सागर अरोड़ा
डॉ. सागर अरोड़ा