रेवाड़ी। अवैध खनन और रेत (बजरी) के कथित अवैध परिवहन के मामले में सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह वाधवा की अदालत ने गांव खेड़की निवासी अमित कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
14 दिसंबर 2023 को खनन एवं भूविज्ञान विभाग नारनौल की ओर से पुलिस स्टेशन एचएसईएनबी रेवाड़ी को पत्र भेजकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध खनन सामग्री ले जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया था।
शिकायत में बताया गया था कि 11 अक्तूबर 2023 को गांव नांगल सिरोही के पास चेकिंग के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया था, जिसमें करीब 10 मीट्रिक टन बजरी भरी हुई थी और चालक कोई ई-रवाना प्रस्तुत नहीं कर सका।
जांच के बाद अमित कुमार के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने खनन विभाग के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों सहित कुल आठ गवाह पेश किए।
गवाहों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करने और बजरी से भरा होने की बात कही। हालांकि जिरह के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं।
अदालत में यह तथ्य सामने आया कि जब्त की गई कथित खनन सामग्री का कोई नमूना नहीं लिया गया था। ट्रैक्टर-ट्रॉली का वजन भी नहीं कराया गया, जिससे यह प्रमाणित नहीं हो सका कि उसमें लगभग 10 मीट्रिक टन बजरी ही थी।
मौके पर किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया और न ही वीडियोग्राफी कराई गई। कुछ गवाह वाहन का रंग तक स्पष्ट रूप से नहीं बता सके।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बिना नमूना लिए और बिना वजन कराए यह साबित नहीं किया जा सकता कि वाहन में अवैध खनन सामग्री थी। साथ ही स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति और जांच में कमियों के कारण अभियोजन की कहानी संदेह से परे साबित नहीं होती।
इन्हीं आधारों पर अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया।