फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: 24 एमएलडी एसटीपी को अपग्रेड करने के लिए 26.47 करोड़ का टेंडर जारी, जामिया से डिजाइन कराया तैयार

Thu, 29 Jan 2026 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
नसियाजी स्थित एसटीपी। संवाद - फोटो : बूंदाबांदी के बाद बढ़ी ठंड के बाद अलाव तापते लोग।
विज्ञापन
रेवाड़ी। दूषित पानी साहबी बैराज में छोड़े जाने के कारण सवालों में घिरे जनस्वास्थ्य विभाग के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की हालत अब सुधारी जाएगी। विभाग ने नसियाजी रोड पर एक कैंपस में स्थित दोनों एसटीपी को अपग्रेड करने की तैयारी शुरू कर दी है। इनकी संयुक्त क्षमता 24 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है।
विज्ञापन

इस परियोजना पर 26 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत आएगी। फिलहाल कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर भरने की अंतिम तिथि 6 फरवरी तक निर्धारित की गई है। इस काम को तकनीकी मंजूरी पहले ही प्राप्त हो चुकी थी। केवल टेंडर लगने का इंतजार था। दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से डिजाइन तैयार कराया गया है।
एसटीपी में पहली बार प्राइमरी सैटलिंग टैंक (पीएसटी) यूनिट भी स्थापित होगी जिससे औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी भी शोधित किया जा सकेगा। अपग्रेडेशन का मुख्य लक्ष्य भी शहर के औद्योगिक और रासायनिक कचरे को प्रभावी ढंग से ट्रीट करना है, जिससे प्लांट की दक्षता बढ़ेगी और बीच-बीच में प्लांट के बाधित होने की समस्या खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन

इस परियोजना में प्लांट के निर्माण के बाद तीन माह का ट्रायल रन पीरियड भी शामिल है ताकि सभी प्रणालियों की कार्यक्षमता की जांच की जा सके। इसके अतिरिक्त चयनित एजेंसी को प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के चालू होने से न केवल शहर की स्वच्छता में सुधार होगा,बल्कि उपचारित पानी का पुनः उपयोग भी संभव हो सकेगा। विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण मामले कमेटी ने एसटीपी का निरीक्षण भी किया था।

-
3 स्तरों पर होगा अपग्रेडेशन कार्य

प्लांट में पुरानी मशीनरी को नई और आधुनिक उपकरणों से बदला जाएगा जिससे क्षमता और कुशलता में वृद्धि होगी। प्लांट के सिविल स्ट्रक्चर (भवन आदि) का पूरा नवीनीकरण किया जाएगा जिससे उसकी मजबूती और कार्यक्षमता सुनिश्चित होगी। दो नई यूनिट भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगी। इसमें पीएसटी व फिल्ट्रेशन यूनिट शामिल होंगी। जो कि वाटर ट्रीटमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। 6 साल के लिए रखरखाव का कार्य होगा।

-
ट्रीटमेंट से पहले ही 30% शुद्ध होगा पानी
टेंडर के तहत प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट, प्राइमरी क्लैरिफायर तथा टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण, इरेक्शन, टेस्टिंग और का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही टर्शियरी ट्रीटमेंट में डिस्क फिल्टर और क्लोरीनेशन सिस्टम भी लगाया जाएगा जिससे उपचारित पानी की गुणवत्ता उच्च स्तर की सुनिश्चित की जा सके।
शहर से आने वाले रासायनिक और औद्योगिक कचरे को शुरूआत में ही ट्रीट करने के लिए पीएसटी लगाया जाएगा। विभाग के अनुसार इससे ट्रीटमेंट प्रोसेस शुरू होने से पहले ही 30% तक शुद्धिकरण हो जाएगा। वहीं ट्रीटमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंतिम रूप से निकले पानी को इस नई फिल्ट्रेशन यूनिट से गुजारा जाएगा। यह इकाई पानी की गुणवत्ता को और भी अधिक बेहतर बनाएगी।

मानक नहीं थे पूरे, जुर्माना तक लगा था

एसटीपी के पास पूर्व में जो पानी आता था उसमें बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) और सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) का स्तर तय मानकों से 9 से 10 गुना अधिक पाया गया था। यह उच्च स्तर सीधे तौर पर रासायनिक कचरे के आने का संकेत देता है। सामान्य तौर पर बीओडी 240-250 होना चाहिए, लेकिन रिपोर्ट में यह 2500-2600 तक भी आ गया था। इससे एसटीपी पर भी करोड़ों रुपये जुर्माना भी लगा था। इस अपग्रेडेशन के बाद, विशेष रूप से पीएसटी की मदद से, शहर से आने वाले केमिकल युक्त पानी का उपचार शुरू में ही हो जाएगा, जिससे मुख्य प्लांट पर दबाव कम होगा।

वर्जन:
नसियाजी रोड पर एसटीपी को अपग्रेड करने की तैयारी शुरू कर दी है। परियोजना पर 26 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत आएगी। फिलहाल कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से इसका डिजाइन तैयार कराया गया है। एसटीपी में पहली बार प्राइमरी सैटलिंग टैंक यूनिट भी स्थापित होगी।-नवीन, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी।

नसियाजी स्थित एसटीपी। संवाद- फोटो : बूंदाबांदी के बाद बढ़ी ठंड के बाद अलाव तापते लोग।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें