धारूहेड़ा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से पशुओं को खुरपका-मुंहपका और गलघोंटू से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान 11 मई से शुरू किया जाएगा। यह अभियान जून तक चलेगा। विभाग ने अलग-अलग गांवों में टीकाकरण की तिथियां घोषित की हैं। इस दौरान पशुओं को निशुल्क टीके लगाए जाएंगे।
पशु चिकित्सालय धारूहेड़ा के प्रभारी डॉ. राजेश महलावत ने बताया कि यह 11वें चरण का ड्यूल वैक्सीनेशन अभियान है, जिसके अंतर्गत पशुओं को एक साथ एफएमडी और एचएस रोगों से बचाव के टीके लगाए जाएंगे।
पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पशुओं में फैलने वाली संक्रामक बीमारियां पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है।
विभाग की ओर से टीकाकरण के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक गांव में निर्धारित तिथियों पर विभाग की टीम पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण करेगी।
उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने पशुओं को टीकाकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि कई बार लापरवाही के कारण पशु गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
इन तिथियों पर गांवों में होगा टीकाकरण
पशुओं के टीकाकरण की तिथियां तय की गई हैं। 11 मई को मालपुरा, 12 मई को जोनियावास, 13 मई को कापड़ीवास, 14 और 15 मई को खरखड़ा, 16 से 18 मई तक गढ़ी अलावलपुर, 19 मई को महेश्वरी और 20-21 मई को आकेड़ा गांव में टीकाकरण किया जाएगा। 22 से 26 मई तक घटाल महनियावास क्षेत्र में अभियान चलेगा। 28 मई से 1 जून तक धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 से 13 में विशेष रूप से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। जून में 2 से 4 जून तक नंदरामपुर बास, 5-6 जून को भटसाना, 8-9 जून को ततारपुर खालसा तथा 9-10 जून को अलावलपुर गांव में टीम पहुंचेगी।
खुरपका व मुंहपका तेजी से फैलने वाला वायरल संक्रमण
डॉ. राजेश महलावत ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग तेजी से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। गलघोटू रोग भी पशुओं के लिए घातक माना जाता है। समय पर टीकाकरण ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। विभाग का प्रयास है कि क्षेत्र के अधिक से अधिक पशुओं को इस अभियान के तहत कवर किया जाए ताकि किसी प्रकार का संक्रमण फैलने की संभावना कम हो सके।