रेवाडी। जिले के 397 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में बुधवार को शीतकालीन अवकाश से एक दिन पूर्व अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) संवाद का आयोजन किया गया। बैठक में बच्चों की पढ़ाई, खेलकूद सहित अन्य शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षकों ने अभिभावकों को अवकाश के दौरान बच्चों को दिए जाने वाले गृहकार्य की जानकारी दी। शिक्षकों ने बताया कि शीतकालीन अवकाश में बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से विशेष योजना तैयार की गई है।
इसके तहत बाल वाटिका से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए रोचक गतिविधियों पर आधारित गृहकार्य निर्धारित किया गया है जिसमें परिवार के सदस्यों की भागीदारी भी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य बच्चों का पारिवारिक व भावनात्मक विकास करना है।
इस अवसर पर अभिभावकों को गतिविधियों से संबंधित प्रोफाॅर्मा भी वितरित किए गए। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के अनुसार इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में पढ़ने-लिखने, गणना, आकलन, विश्लेषण, संवाद और कहानी समझने जैसे बुनियादी कौशल विकसित होंगे।
मातृभाषा के माध्यम से बच्चों के शब्दकोश में विस्तार होगा जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शीतकालीन अवकाश में बच्चों की दिनचर्या और संस्कारों पर रहेगा फोकस
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि शीतकालीन अवकाश के दौरान अभिभावक अपने बच्चों को सुबह जल्दी उठने की आदत डालिए और मेडिटेशन व ध्यान लगाने का प्रशिक्षण दीजिए। सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में बच्चों को अवश्य शामिल करवाएं। अपने बच्चे में पौधे लगाने और उनका ख्याल रखने की आदत का विकास कीजिए। सोने के समय अपने बच्चों को पंचतंत्र, तेनालीराम आदि की शिक्षाप्रद कहानी सुनाइए। इसके अतिरिक्त साहित्यिक व धार्मिक कथाएं और कहानियां भी सुनाएं। पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरा प्रबंधन के बारे में जानकारी दें। उन्हें अनुशासन के साथ-साथ सही और गलत का अंतर समझाएं। उनमें स्वयं पढ़ने और सीखने की आदत डालिए।
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वर्जन
एक से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए जो होमवर्क दिया जाएगा वह उन्हें मोबाइल से दूर रखने व रटने की प्रवृत्ति से दूर रखेगा। इसमें विद्यार्थियों के अभिभावकों की बड़ी भूमिका रहेगी। -बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।