रेवाड़ी। मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत लोक सेवा मंच के पदाधिकारी टैक्सी चालकों और उनके सहायकों के बीच पहुंचे। उन्होंने राव तुलाराम पार्क के समीप एकत्रित चालकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। चालकों ने अपनी समस्याएं बताईं।
चालकों ने बताया कि कोरोना काल के बाद से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब है। काम की कमी, बढ़ती महंगाई और सरकारी सहायता के अभाव में उनके लिए परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
पहले जहां रोजाना पर्याप्त सवारी मिल जाती थी, वहीं अब कई-कई घंटे खड़े रहने के बावजूद काम नहीं मिल पाता। इसके अलावा ईंधन की बढ़ती कीमतों ने उनकी आय पर और दबाव डाल दिया है।
इस मौके पर प्रधान अशोक, कोर कमेटी सदस्य महेश कौशिक और बीके राम सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने ड्राइवरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया।
प्रधान अशोक ने कहा कि टैक्सी ड्राइवर्स और उनके सहायकों की समस्याएं केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर की बड़ी चुनौती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों को प्रदेश के परिवहन मंत्री, समाज कल्याण मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक पत्र के माध्यम से पहुंचाया जाएगा और समाधान होने तक यह अभियान जारी रहेगा।
महत्वपूर्ण मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित
बैठक में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें प्रत्येक टैक्सी ड्राइवर और सहायक को पहचान पत्र जारी करने, शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए 20 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण 20 प्रतिशत सब्सिडी के साथ देने की मांग प्रमुख रही। ड्राइवरों और उनके स्टाफ के लिए एक करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट बीमा और 50 लाख रुपये की फैमिली हेल्थ बीमा पॉलिसी मुफ्त देने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा ड्राइवरों ने टैक्सी स्टैंड्स पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि हर टैक्सी स्टैंड पर अटल कैंटीन खोलकर सस्ती दरों पर भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराया जाए।
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पेंशन की उठाई मांग
चालकों ने वर्ष में दो बार उनका और उनके परिवार का निशुल्क हेल्थ चेकअप कराने, इसके साथ ही महिला और पुरुष ड्राइवरों को क्रमश: 58 और 60 वर्ष की आयु के बाद 20 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए। कार्यक्रम के दौरान सुनील शर्मा, विनोद कुमार, अजीत यादव, नरेंद्र सैनी, विजय सिंह, जयपाल मिस्री, नरेंद्र यादव, कर्मवीर, लखनपाल, ओमदत्त, प्रवीण यादव, कंवर सिंह मौजूद रहे।