रेवाड़ी। पुलिस के जवानों व विभिन्न थानों में कार्यरत पुलिसकर्मियों को तनाव मुक्त करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन में मनौवैज्ञानिक हेल्थ सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में हुआ।
इस दौरान मनौवैज्ञानिकचेतना ने पुलिस कर्मचारियों से कहा कि दैनिक जीवन में कुछ समय अपने व परिवार के लिए भी निकालें और अपने को स्वस्थ तथा फिट रखें। जो व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेगा वह मानसिक रूप से भी सुदृढ़ रहेगा। मानसिक तनाव समाप्त करने के लिए अपने अंदर सकारात्मक विचार लाने बहुत जरूरी है। नकारात्मक विचारों को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। तनाव के कारण अवसाद, बेचौनी, पागलपन, हाई ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारी व सिर दर्द होने लगता है। जब भी तनाव में हो तो योगा, मेडिटेशन, दौड़, गाना आदि जो भी पसंद हो करना शुरू कर दें। इससे ध्यान भटक जाएगा और तनाव कम होगा। हमें अपनी विचारधारा को भी बदलना होगा। अपने नजदीकियों से सभी बातें शेयर करें। समय प्रबंधन पर ध्यान दें।
उन्होंने बताया कार्यस्थल के दबाव की वजह से लोग अकसर मानसिक रूप से थकान महसूस करते हैं। तनाव के कारण शरीर मे नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जवानों को कार्यस्थल पर अपना कार्य सुचारू रूप से करने और कार्यक्षेत्र में उत्पन्न होने वाले तनाव को टालने के उपाय बताए गए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस कर्मियों का मानसिक रूप से सुदृढ़ होना जरूरी है। पुलिस के जवान लगातार अपनी ड्यूटियों में व्यस्त रहते हैं। पुलिस जवानों के कंधों पर पूरे समाज की जिम्मेदारी होने के कारण परिवार को भी कम समय दे पाते है। ड्यूटी में तैनात जवानों की मानसिक परेशानी या तनाव की स्थिति को जानने के लिए ही यह सेमिनार आयोजित किया गया। उन्होंने सभी जवानों से ईमानदारी व समर्पण भाव से ड्यूटी करने का आह्वान किया। किसी भी जवान को कोई भी समस्या या परेशानी आती है तो वे बिना हिचक उनके कार्यालय में आकर अपनी समस्या या परेशानी बता सकते हैं।