रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिलास्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में अनुसूचित जाति-जनजाति के पीड़ितों के आवेदन पर कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
डीसी मीणा ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए बनाए अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल बनाकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अंतर्गत पीड़ित व्यक्तियों को दी गई राहत, प्राप्त मामलों और पुनर्वास सुविधाएं और उनसे संबंधित अन्य मामलों के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय सतर्कता निगरानी समिति नियमानुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि अत्याचार अधिनियम 1989 के अधीन गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के पीड़ित व्यक्तियों के आवेदन पर जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से संबंधित पीड़ित परिवार को भावनात्मक रूप में भी काफी सहारा मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए संबंधित गतिविधियां आयोजित कर जागरूकता कार्यक्रम करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि एससी एसटी एक्ट में दर्ज मुकदमों में समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एवं नियम के तहत प्राप्त 2025 में अब तक 35 पीड़ितों को 70 लाख 87 हजार 500 रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। इस अवसर पर सदस्यगण डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, शंकर सिंह, जगदेव सिंह सेवानिवृत्त जिला कल्याण अधिकारी, अमृत कला, जवान सिंह मेहरा सहित निशा यादव भी मौजूद रहे।