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अब गर्मियों में बिजली कट से नहीं छूटेंगे पसीने.

Fri, 08 Apr 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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अतिरिक्त फीडर बनकर तैयार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अब गर्मियों में शहरवासियों के पसीने न छूटे, इसके लिए बिजली निगम ने अभी से कमान संभाल ली है। शहर के फीडरों से प्रतिदिन लगभग 6 लाख यूनिट से अधिक बिजली खर्च होती है। गर्मियों में यह खपत पचास फीसदी तक बढ़कर नौ लाख यूनिट प्रतिदिन से ज्यादा चली जाती है।
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गर्मियों में इतना अधिक लोड बढ़ने से ट्रांसफॉर्मर जलने या शॉर्ट सर्किट से लगने वाले कटों से निजात दिलाने के लिए विभाग ने तीन सब डिविजन सिटी-1, सिटी-2 एवं सब-अर्बन ने अलग-अलग फीडर तैयार कर लोड बढ़ने पर वाइफरकेशन करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत जिस फीडर में लोड बढ़ेगा, उसमे अतिरिक्त फीडर से बिजली सप्लाई कर दी जाएगी।

दूसरी ओर निगम ने 100 केवी. ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने के लिए 200 केवी ट्रांसफॉर्मर लगाने काम शुरू कर दिया है। सिटी-2 और सब अर्बन में अतिरिक्त फीडर बनकर तैयार है और लोड बढने पर यह काम करेंगे। जबकि सिटी-1 में 15 दिन में अतिरिक्त फीडर का काम पूरा कर लिया जाएगा। ऐसे में शहर और इसके आस-पास लगते करीब 100 गांवों को फायदा मिलेगा।
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बिजली पूरी लेकिन लोड बढ़ने से जल  जाते हैं ट्रांसफॉर्मर
सिटी-1,सिटी-2 एवं सब अर्बन एरिया में लगभग अस्सी हजार कनेक्शन आते हैं। सब अर्बन में 38 हजार, सिटी-2 में 21 हजार एवं सिटी-1 में इनकी संख्या लगभग 22 हजार हैं। इन तीनों एरिया में प्रतिदिन 6 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। निगम का मानना है कि शहरी क्षेत्र होने के कारण कूलर, ऐसी एवं अन्य उपकरण के चलने से खपत में पचास फीसदी तक की बढ़ोतरी होकर यूनिट की संख्या 9 लाख के पार कर जाती है।

वहीं सब अर्बन में 51 फीडर एवं तेरह सब स्टेशन आते हैं। जबकि सिटी-1 में अनाज मंडी,ब्रॉस मार्केट, आइसीडी एवं अग्रवाल मेटल सहित 6 फीडर हैं। वहीं सिटी-2 लगभग 76 फीडर हैं। बिजली निगम अधिकारियों का मानना है कि शहर में बिजली सप्लाई करने के लिए बिजली पूरी है, लेकिन लोड बढ़ने से ट्रांसफॉर्मर में फाल्ट हो जाता है। जिसके चलते तमाम कोशिशों के बावजूद कई घंटों तक बिजली की सप्लाई बाधित रहती है।

कालूवास, सेक्टर-10, 12 एवं बालियार कलां सब स्टेशन से जोड़ा जाएगा शहर को
सिटी-1 में आने वाले फीडरों पर लोड कम करने के लिए निगम की ओर से पिछले तीन महीनों से एक अतिरिक्त फीडर बनाने का काम चल रहा था, जो कि 15 आगामी 15 दिन में पूरा हो जाएगा। नया फीडर बनाने के लिए कालूवास सब स्टेशन से लाइन खींची गई हैं। वहीं सिटी-2 में लोड अधिक बढ़ने के कारण 100 केवी ट्रांसफॉर्मर बदलने का काम चल रहा है।

शहर के मॉडल टाउन में घरेलू एवं व्यवसायिक गतिविधियां होने के कारण यहां के ट्रांसफॉर्मर बदलने का काम चल रहा है। इधर लोड कम करने के लिए सेक्टर-10,12 से बिजली का वाइफकेशन किया जाएगा। वहीं सब अर्बन एरिया में दिल्ली रोड पर ज्यादा लोड होने के कारण बालियार कलां सब स्टेशन से लाइन खींचकर वाइफकेशन करने की तैयारी की जा रही है। यहां पर वाइफरकेशन की मतलब नया फीडर तैयार कर लोड बढने पर लोड वाली बिजली को दो हिस्सों में बंाटना होता है।

वर्जन
गर्मी के सीजन में बिजली की खपत पचास फीसदी तक बढ़ जाती है। जिसके चलते फॉल्ट होने के कारण बिजली सप्लाई बाधित होती है। बिजली पर्याप्त है, इस बार पावर कट की समस्या न हो इसके लिए अतिरक्ति फीडर तैयार कर लिया गया है।
-राजेश गुप्ता, एसडीओ, सिटी-1
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वर्जन-
पावर कट की समस्या से शहरवासियों के बचाने लिए इस बार पहले ही तैयारी कर ली गई है। ट्रांसफॉर्मर रिप्लेस करने के साथ ही सेक्टर10,12 सब स्टेशन से बिलली वाइफरकेशन की जाएगी।
-जगदीप रोहिला, एसडीओ,सिटी-2
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वर्जन-
लोगों को गर्मियों में बिजली कट की समस्या को दूर करने के सरकार ने निर्देश दिए हुए हैं। उसी के तहत सब अर्बन में कट की समस्या को दूर करने के लिए बालियार कलां से बिजली वाइफरकेशन की जाएगी।
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बुधराम, एसडीओ, सब अर्बन
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