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Rewari News: स्वच्छ सर्वेक्षण...सिटीजन फीडबैक में रेवाड़ी प्रदेश में आठवें स्थान पर, 3492 फीडबैक किए दर्ज

Mon, 22 Jun 2026 11:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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शहर में कूड़ा उठाते कर्मचारी। संवाद
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रेवाड़ी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत शहरों की स्वच्छता का आकलन करने में नागरिकों की भागीदारी अहम भूमिका निभा रही है। नागरिकों ने सफाई को लेकर जो फीडबैक दिए हैं, उनमें रेवाड़ी जिले से अब तक 3,492 नागरिकों ने फीडबैक दर्ज कराया है। स्वच्छता सर्वेक्षण में रेवाड़ी प्रदेश में आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
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सबसे अधिक 2,255 फीडबैक रेवाड़ी नगर परिषद क्षेत्र से मिले हैं। बावल और धारूहेड़ा इस मामले में पीछे हैं। नागरिकों से कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े 13 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनके आधार पर स्थानीय निकायों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा।
स्वच्छता को लेकर नागरिकों के मिले फीडबैक में हिसार पहले, झज्जर तीसरे, रोहतक दसवें और सोनीपत 11वें स्थान पर है। सर्वेक्षण के दौरान नागरिकों से शहर की स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कुल 13 प्रश्न पूछे जा रहे हैं।
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इनमें घरों और दुकानों से नियमित कचरा उठाव, सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग संग्रहण, सड़कों और बाजारों की सफाई, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता और उनकी स्थिति, शिकायत निवारण प्रणाली की कार्यक्षमता तथा आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल) सेंटर की जानकारी जैसे विषय शामिल हैं।
नागरिकों की ओर से दिए गए जवाबों के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि स्थानीय निकाय लोगों को स्वच्छता संबंधी सेवाएं कितनी प्रभावी ढंग से उपलब्ध करा रहे हैं। यदि किसी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन या सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर लोगों की शिकायतें अधिक मिलती हैं तो संबंधित निकाय को सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।

कई शिकायतें हफ्तों बाद भी अंडर प्रोसेस : सर्वेक्षण के तहत नगर निकायों की कार्यप्रणाली का आकलन इस आधार पर भी किया जा रहा है कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाता है।
पोर्टल पर शहरवासियों की ओर से गारबेज कलेक्शन व्हीकल के समय पर नहीं पहुंचने, कूड़े का ढेर लगने, साफ-सफाई नहीं होने, सीवर ओवरफ्लो, घरों से कूड़ा उठान के लिए वाहन नहीं आने और खुले सीवर मैनहोल जैसी शिकायतें लगातार दर्ज कराई जा रही हैं।
नागरिकों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उनका समाधान समय पर नहीं हो रहा है। पोर्टल पर दर्ज कई शिकायतें 3 से 4 सप्ताह पुरानी होने के बाद भी अंडर प्रोसेस की स्थिति में दिखाई दे रही हैं। इससे लोगों में नाराजगी है और शिकायत निवारण प्रणाली की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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इस बार 12,500 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 12,500 अंक का होगा। इस बार की नई थीम स्वच्छता की नई पहल बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ रखी गई है। पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण 9,500 अंक का था। इसमें दृश्य स्वच्छता 1,500, कचरा कलेक्शन व सेग्रीगेशन पर 1 हजार, कचरा प्रोसेसिंग पर 1,500, सार्वजनिक शौचालय पर 1 हजार, पानी प्रबंधन पर 1 हजार, जनजागरूकता पर 1,500, संस्थागत व्यवस्था 1 हजार, सफाईकर्मियों का कल्याण 500 और नागरिक फीडबैक 1 हजार अंक शामिल हैं। साथ ही सर्टिफिकेशन, वॉटर प्लस और गार्बेज फ्री सिटी के लिए अलग अंक मिलेंगे।


वर्जन

स्वच्छ सर्वेक्षण का उद्देश्य केवल शहरों की रैंकिंग तय करना नहीं है बल्कि नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़कर शहरों को अधिक साफ, सुंदर और रहने योग्य बनाना भी है। लोगों से सर्वेक्षण में भाग लेने और ईमानदारी से अपनी राय देने की अपील की जा रही है। इससे न केवल शहर की वास्तविक स्थिति सामने आएगी बल्कि स्थानीय निकायों को अपनी सेवाओं में सुधार करने का अवसर भी मिलेगा।-प्रियंका यादव, ब्रांड अंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन।
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जिला
कुल फीडबैक
हिसार
10,342
अंबाला
7,685
झज्जर
6,086
गुरुग्राम
5,211
कैथल – 4,943
फतेहाबाद
4,855
सिरसा
4,576
रेवाड़ी 3,492
पंचकूला
3,236
रोहतक
3,124
सोनीपत
3,010
भिवानी
2,632
पानीपत
1,930
महेंद्रगढ़ 1006
यमुनानगर
970
पलवल
940
चरखी दादरी
745
फरीदाबाद
562
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