यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते छात्र। स्रोत : परिषद
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रेवाड़ी। इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी (आईजीयू) में छात्रों ने एमबीए विभाग में 2 छात्रों का निलंबन रुकवाने और जांच की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। दबाव के बाद प्रशासन ने दोनों छात्रों का निलंबन वापस ले लिया और पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी।
चार दिन पहले विभाग की एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि उसके साथ बदतमीजी की गई। उसने एक असिस्टेंट प्रोफेसर को लिखित शिकायत दी थी, जिसके आधार पर विभाग के 2 छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि बाद में छात्रा ने अपने बयान बदल दिए और कहा कि उससे जबरन शिकायत लिखवाई गई थी। उसने साफ किया कि जिन छात्रों को सस्पेंड किया गया, उन्होंने उसके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया।
मामले को लेकर एबीवीपी नेता युधिष्ठिर धनखड़ और विनीत के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के बीच कुलपति डॉ. असीम मिगलानी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। छात्रा के लिखित बयान देने के बाद निलंबन आदेश रद्द कर दिए गए और जांच कमेटी बनाने की घोषणा हुई।
एबीवीपी नेता युधिष्ठिर धनखड़ ने चेतावनी दी कि अगर मंगलवार तक एमबीए विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुशांत को निलंबित नहीं किया गया तो यूनिवर्सिटी के दोनों गेट पर ताले जड़ दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने झूठी शिकायत लिखवाकर छात्रों की छवि खराब की है और विभाग से लिखित माफीनामा भी जारी करवाना होगा।