रेवाड़ी। रोडवेज जीएम से बदतमीजी के आरोप में निलंबित रोडवेज चालक नरेन्द्र यादव (दखौरा) का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। निलंबन के समय डिपो में मिठाई बांटकर विरोध दर्ज कराने वाले इस चालक ने अब रोडवेज जीएम के नाम पत्र भेजकर कहा कि, अधिकारी सम्मानित होते हैं, इसलिए वे अपनी बात के लिए जीएम से माफी मांगते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बहाली के लिए एक शर्त भी सामने रखी है। नरेन्द्र का कहना है कि, उनकी बहाली केवल एक ही स्थिति में मंजूर होगी, जब उनकी ड्यूटी डिपो कार्यालय में लगाई जाए। 58 साल की उम्र में उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है और पिछले दिनों वे दो बार अस्पताल में भर्ती भी हो चुके हैं।
वे अब बस चलाकर यात्रियों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहते। यदि रोडवेज प्रशासन और जीएम उनकी सेहत को देखते हुए दफ्तरी काम देने में सक्षम हैं, तभी उन्हें बहाल करें। अगर कार्यालय में ड्यूटी लगाना संभव नहीं है, तो उन्हें अपना सस्पेंशन ही स्वीकार है। ड्राइवर के इस रुख के बाद रोडवेज महकमे में चर्चा का दौर जारी है। संवाद