रेवाड़ी। कुतुबपुर निवासी सुनेहा (48) ने अपने घर के आंगन में बगिया तैयार की है। इसके घर में हरियाली फैली रहती है। सुनेहा पंद्रह वर्षों से पौधों की देखभाल कर रहीं। वह अन्य लोगों को भी बगिया के लिए प्रेरित करती हैं।
सुनेहा ने अपने आंगन में गुलाब, गुड़हल, गेंदा के साथ अन्य पौधे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही पौधों से लगाव रहा है। धीरे-धीरे उन्होंने घर में पौधे लगाने शुरू किए और आज यह शौक उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
वह सुबह और शाम करीब एक-एक घंटा पौधों की देखभाल में समय देती हैं। पौधों में पानी देना, उनकी कटाई-छंटाई करना और नई पौध तैयार करना उन्हें काफी अच्छा लगता है।
पौधों के बीच समय बिताने से मन को सुकून मिलता है। भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हरियाली के बीच कुछ समय बिताना मानसिक शांति देता है। उनका कहना है कि घर में पौधे लगाने से न केवल वातावरण सुंदर बनता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी अनुभव होता है।
सुनेहा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए घर से निकलने वाले किचन वेस्ट का भी बेहतर उपयोग करती हैं। वह सब्जियों के छिलके और अन्य जैविक कचरे से खाद तैयार कर पौधों में डालती हैं। इससे पौधों को प्राकृतिक पोषण मिलता है और कचरे का सही निस्तारण भी हो जाता है।
उनकी बगिया में फूलों के साथ-साथ सजावटी और उपयोगी पौधे भी लगे हुए हैं। नेहा का कहना है कि हर व्यक्ति को अपने घर, छत या आसपास खाली जगह में पौधे जरूर लगाने चाहिए। इसके लिए बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, बल्कि थोड़ी इच्छा और नियमित देखभाल से ही हरियाली लाई जा सकती है।
पौधों की देखभाल है बेहद जरूरी
बावल मार्ग स्थित नर्सरी संचालक राजू कुमार ने बताया कि पौधों की अच्छी देखभाल के लिए नियमित रूप से पानी देना, समय-समय पर खाद डालना और सूखी पत्तियों की कटाई-छंटाई करना जरूरी है। पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार धूप और छांव वाली जगह पर रखें। किचन वेस्ट से तैयार जैविक खाद का उपयोग करने से पौधों की वृद्धि बेहतर होती है। मिट्टी की समय-समय पर गुड़ाई करते रहें, ताकि जड़ों तक हवा पहुंच सके। पौधों में कीड़े लगने पर प्राकृतिक उपायों का प्रयोग करें। थोड़े समय और नियमित मेहनत से घर की बगिया हरी-भरी और सुंदर बनी रह सकती है।
सुनेहा