फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: अचानक बारिश से फसल ढकने का नहीं मिला मौका, खुले में रखा बाजरा भीगा

Mon, 12 Oct 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
बारिश के बाद बाजरा के बैगों के नीचे जमा बारिश का पानी। संवाद
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले में बीती रात करीब दो बजे के बाद हुई बारिश से अनाज मंडी में खुले में रखा गया बाजरा भीग गया। अचानक बारिश होने से श्रमिकों को बाजरे को ढकने का मौका तक नहीं मिला। श्रमिक जब तक बाजरे को तिरपाल से ढकने का प्रयास करते, तब तक बारिश तेज हो गई। इससे काफी बाजरा भीग गया। मंडी में करीब आठ हजार क्विंटल बाजरा भीगने की आशंका जताई जा रही है।
विज्ञापन

कुछ समय बाद बारिश थम गई लेकिन तब तक बाजरा भीग चुका था। अनुमान लगाया जा रहा है कि अनाज मंडी में 30 हजार क्विंटल से अधिक बाजरा खुले में रखा हुआ है।
बाजरा भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और किसानों को नुकसान होने की चिंता बढ़ गई है। अब बारिश के बाद बाजरे को सुखाने और सुरक्षित रखने की चुनौती रहेगी। अभी तक करीब 1 लाख 53 हजार क्विंटल बाजरा आया है। अनाज मंडी में 4 शेड है, जिनकी लंबाई 110 मीटर है। शेड में जगह न होने और रोजाना बाजरा की आवक होने की वजह से मंडी में शेड से बाहर बाजरा रखा हुआ है।
नुकसान को लेकर जब श्रमिकों से बातचीत की तो सच्चाई सामने आई है। श्रमिक सुनील कुमार ने बताया कि रात को बारिश शुरू होने से खुले में रखा काफी बाजरा भीग गया। बाजरे को समेटने और सुरक्षित रखने में दोपहर तक जूझना पड़ा।
विज्ञापन

श्रमिक राजेश ने बताया कि काफी बाजरा तिरपाल से ढका हुआ था लेकिन बारिश इतनी अचानक और तेज आई कि तिरपाल भी बाजरे को भीगने से नहीं बचा सके। करीब पांच हजार क्विंटल बाजरा भीगने की आशंका है। सतीश ने बताया कि नुकसान इससे भी ज्यादा हो सकता है।

आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम का मिजाज बदल गया है। इसका असर 13 अक्तूबर तक रहने की संभावना है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से 14 से 16 अक्तूबर के दौरान हरियाणा में ज्यादातर स्थानों पर आंशिक बादल छाए रहने तथा कहीं-कहीं हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। इसके बाद मौसम खुश्क होने और उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है।

उठान में तेजी लाने की है जरूरत
मार्केट कमेटी के अधिकारियों का दावा है कि मंडी में अब तक 60 प्रतिशत बाजरे का उठान हो चुका है। हालांकि, मंडी की मौजूदा स्थिति इस दावे से मेल खाती नजर नहीं आ रही है। मंडी में अभी भी बड़ी मात्रा में बाजरा खुले में पड़ा है और अब इसकी ढेरियां सड़क किनारे तक पहुंच गई हैं। इससे मंडी में आवागमन प्रभावित हो रहा है। बाजरे से भरे वाहनों और अन्य वाहनों की आवाजाही के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। उठान में तेजी नहीं आने से किसानों, आढ़तियों और श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बारिश के बाद खुले में रखे बाजरे की सुरक्षा और उठान में देरी को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। बाजरा को ढकने के लिए तिरपाल की पूर्ण रूप से व्यवस्था नहीं है।
वर्जन
मंडी में अब तक 60 प्रतिशत बाजरे का उठान हो चुका है। रात को ज्यादा बारिश नहीं हुई थी। ऐसे में बाजरे को किसी तरह का नुकसान होने की आशंका नहीं है।-नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी रेवाड़ी।

बारिश के बाद बाजरा के बैगों के नीचे जमा बारिश का पानी। संवाद

बारिश के बाद बाजरा के बैगों के नीचे जमा बारिश का पानी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें