संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए खंडस्तरीय बाल वैज्ञानिक 30 सितंबर से पहले आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें बाल वैज्ञानिक विज्ञान मॉडलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेेंगे।
एनसीईआरटी की ओर से खंड, जिला व राज्यस्तर पर बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। ऐसे में जिला शिक्षा विभाग राज्यस्तर से पहले जिला स्तरीय प्रदर्शनी की तैयारी में जुटा है। खंडस्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 30 सितंबर से पहले आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अक्तूबर में जिलास्तरीय और नवंबर में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में छठी से 12वीं के विद्यार्थी भाग लेंगे। विज्ञान विशेषज्ञ को बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2024-25 आयोजित करने के लिए एनसीईआरटी से विषय और उप विषय प्राप्त हो गए हैं। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी, गणितीय मॉडलिंग और कंप्यूटेशनल सोच, भोजन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन, परिवहन एवं संचार, प्राकृतिक खेती और आपदा प्रबंधन विषय पर आधारित होगी।
यह प्रदर्शनी छात्रों और शिक्षकों को वैज्ञानिक और गणितीय विचार उत्पन्न करने और अपने विचारों को प्रदर्शित करने के लिए खंड, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न विषयों और उप विषयों के आधार पर मॉडल प्रदर्शनी तैयार करने में सक्षम बनाएगी। छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय मुखिया सहायता प्रदान करेंगे ताकि वे अपने मॉडल को अपने शैक्षिक अनुभव का हिस्सा बना सकें।
प्रदर्शनी के लिए 15 हजार का बजट
खंड और राज्यस्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के आयोजन के लिए बजट निर्धारित किया गया है। खंडस्तरीय राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए प्रतिखंड 15 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जिले में यह राशि दो चरणों में दी जाएगी। निदेशालय की ओर से पहले चरण में 7 हजार रुपये व दूसरे चरण में 8 हजार रुपये जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे जाते हैं। फिलहाल जिले को पहले चरण की राशि मिल चुकी है।
वर्जन:
खंड व जिलास्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी प्रतियोगिता में भाग लेने और मॉडल तैयार करने के लिए सभी चयनित विद्यार्थियों को एक सितंबर तक का समय दिया गया है। विद्यार्थी मॉडल बनाने में शिक्षकों की मदद ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता की तिथि जल्द जारी की जाएगी।-रीनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, रेवाड़ी।