बावल। कृषि महाविद्यालय बावल में 22 और 24 मार्च को जल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
प्रिंसिपल डॉ. नरेश कौशिक ने कहा कि ग्लेशियर प्रकृति के जल भंडार हैं। उनका पिघलना चेतावनी नहीं है यह तत्काल कार्रवाई का आह्वान है। जल संरक्षण पर भाषण प्रतियोगिता भी हुई जिसमें विद्यार्थियों ने जलवायु परिवर्तन, जल संसाधनों और ग्लेशियरों के नुकसान के प्रभाव पर चर्चा की। नारा लेखन और भाषण प्रतियोगिता भी हुई। कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। जलल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में लगभग 50 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. तन्वी एवं डॉ. राम स्वरुप के साथ डॉ. राधे शाम, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सोनम व डॉ. शरणजीत भी मौजूद रहे।