संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई की 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में शामिल होने वाले अधिकतर विद्यार्थी इन दिनों तैयारी को लेकर तनाव में हैं। ऐसे में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर एकाग्रता के साथ तैयारी करने का सुझाव दिया है। शिक्षकों ने अभिभावकों से भी बच्चों का सहयोग करने और अच्छे अंक लाने के लिए दबाव नहीं बनाने की अपील की है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी और हरियाणा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होंगी। परीक्षा नजदीक आने के साथ ही तैयारी को लेकर विद्यार्थियों में मानसिक तनाव बढ़ जाता है, जिसका असर विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अभिभावकों और अध्यापकों का सहयोग विद्यार्थियों के तनाव कम करने में मददगार साबित होता है। विशेषज्ञों ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को सोशल मीडिया से दूरी बनानी चाहिए। अपने अध्ययन को समय अनुसार विभाजित करना चाहिए। विद्यार्थियों को तनाव से बचने के लिए व्यवस्थित तरीके से पढ़ाई करनी चाहिए। साथ ही अभिभावकों को परीक्षा के दिनों में बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि सही मार्गदर्शन हो सके। परीक्षा के समय विद्यार्थियों को कई प्रकार के दबाव का सामना करना पड़ता है। परीक्षा की तैयारी से लेकर उसके परिणाम तक की चिंता विद्यार्थियों को मानसिक दबाव की ओर ले जाती है।
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हर विद्यार्थी को परीक्षा का सामना एक दिन करना ही पड़ता है। बहुत से विद्यार्थी परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान तनाव का अनुभव करते हैं। यह तनाव अच्छा प्रदर्शन करने के दबाव व खुद या दूसरों की अपेक्षाओं को पूरा करने के भय का परिणाम होता है। विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अध्ययन के लिए एक योजना बना कर पढ़ाई करनी चाहिए। माता पिता का सहयोग लेना चाहिए। अध्यापक बेहतर सहयोग कर सकते हैं। -दुष्यंत सिंह, प्राध्यापक, पीएमश्री विद्यालय बिठवाना।
विद्यार्थी तनावमुक्त होकर पूरी एकाग्रता से तैयारी करें। ज्ञान लेने के उद्देश्य से परीक्षाओं की तैयारी करें। अगर ज्ञान लेने के उद्देश्य से परीक्षा की तैयारी करेंगे तो तनाव भी नहीं होगा और परीक्षा में अच्छे अंक भी मिलेंगे। अभिभावकों को भी बच्चों पर अच्छे अंकों का दबाव न डालें। इसके लिए समय-समय पर उनका मार्गदर्शन करें। -निशा, भौतिक विज्ञान (प्राचार्य) कन्या विद्यालय रेवाड़ी।
अध्ययन और परीक्षा के लिए एक योजना बनाएं। परीक्षा की तरह तैयारी पहले से ही करनी चाहिए। देर रात तक आप अपने ऊपर जो तनाव डालते हैं, वह आपको और अधिक चिंतित कर देगा और आपको ज्यादा कुछ याद नहीं रहेगा। विद्यार्थी नियमित ब्रेक के लिए अपने दैनिक कार्यक्रम में समय शामिल करें। -नीलम (जीव विज्ञान),प्राचार्य, पीएमश्री विद्यालय बिठवाना।
विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने के दौरान इंटरनेट की मदद अवश्य लेनी चाहिए, लेकिन इंटरनेट का उपयोग पढ़ाई से संबंधित जानकारी लेने के लिए ही करें। इंटरनेट पर समय अनावश्यक खराब न करें। एक विषय को कम से कम दो बार पूरा पढ़ना चाहिए। इससे परीक्षाओं की तैयारी सही ढंग से होने में मदद मिलेगी। मॉडल पेपर हल करने से विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है।-संयोगिता (संस्कृत) प्राचार्य, कन्या विद्यालय रेवाड़ी।