रेवाड़ी। शहर के राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में मातृ-पितृ पूजन दिवस व पीटीएम का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्या नम्रता सचदेवा ने कहा कि माता-पिता की आज्ञा का पालन करना ही सच्ची संतान की असली पहचान है।
योग वेदांत सेवा समिति की ओर से आये महानुभावों ने सनातन संस्कृति में माता-पिता के स्थान को प्रभु का पर्याय बताते हुए विद्यार्थियों को सम्मोहित किया। विद्यार्थियों के आये हुए माता-पिता का विद्यालय में भव्य स्वागत किया गया। उन्हें माला पहनाकर, तिलक लगाकर व दीप जलाकर उनकी आरती उतारी गई। देवतुल्य स्वागत देख सभी महानुभाव गदगद थे। सभी के मुख से एक ही बात निकल रही थी कि उनके जीवन में इस प्रकार का कार्यक्रम पहली बार देखने को मिल रहा है कि विद्यालय में आमंत्रित करके हमारा हमारे ही बच्चों से पूजन कराकर सम्मान दिलाना हमारे बच्चों के भीतर संस्कार भरने का एक अनूठा उदाहरण है जो सभी के लिए अनुकरणीय है। सेवा समिति के प्रमुख लोगों ने भी अपने अपने सम्बोधन में पाश्चात्य संस्कृति को तिलांजलि देकर सनातन संस्कृति को अपनाने का सभी से आह्वान किया। कार्यक्रम समापन पर मनोज वशिष्ठ ने विद्यालय परिवार की ओर से साभार सादर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि जो-जो विद्यार्थी अपने मातापिता को भगवान मानते हैं उनके लिए सफलता के दरवाजे कभी बंद नहीं होते और वास्तव में वे ही आगे नेक नीति पर चलकर मानव कल्याण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर धन्य हो जाते हैं। इस दिव्य कार्यक्रय में सेवा समिति के अतिरिक्त समस्त स्टाफ का सराहनीय सहयोग व महत्वपूर्ण उपस्थित रही।