फोटो: 27रेवाड़ी। कार्यशाला में उपस्थित राजकीय कन्या स्कूल बावल की छात्राएं। स्रोत: पीआरओ
रेवाड़ी। आईएपी एवं आईएमए की प्रयास विंग की ओर से शिव चौक स्थित निजी अस्पताल में मंगलवार को सरकारी गर्ल्स स्कूल बावल की छात्राओं को सीपीआर देना सिखाया गया।
आईएपी के राज्य सचिव डॉ. संजीव अरोड़ा ने छात्राओं को सीपीआर का डेमो दिखाते हुए बताया कि कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक जीवनरक्षक तकनीक है जो हार्ट अटैक जैसी आपात स्थितियों में जीवनरक्षक साबित हो सकती है। सांस या दिल की धड़कन रुक जाने की स्थिति में अगर समय रहते रोगी को सीपीआर दे दिया जाए तो मौत के खतरे को कम किया जा सकता है। आईएमए सचिव डॉ. नीरज ने बताया कि भारत में हार्ट अटैक के शिकार लगभग 28 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है, हालांकि अगर समय रहते कुछ सावधानियां बरती जाएं तो रोगी की जान बचाई जा सकती है। संवाद