विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करती नशा मुक्ति टीम। स्रोत : पुलिस
धारूहेड़ा। पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत धारूहेड़ा में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई।
टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की पहचान कर उसकी काउंसलिंग कराई और उपचार के लिए डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया। अभियान के दौरान अब तक 295 नशा पीड़ितों की पहचान की गई है, जबकि 98 लोगों का इलाज कराया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ-साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं वहीं पर अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है, जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि नशा बेचने वालों की असली जगह जेल में है, इसलिए नशे का कारोबार करने वालों की सूचना निसंकोच होकर पुलिस को दें, पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।