रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना जिले में विस्तार का इंतजार कर रही है। प्रोजेक्ट के बाद से तीसरे शैक्षणिक सत्र की शुरूआत हो चुकी है लेकिन यह प्रोजेक्ट अब भी केवल जाटूसाना खंड तक ही सीमित बनी हुई है।
विभाग ने इस सत्र में भी योजना को अन्य खंडों में लागू करने के बजाय केवल जाटूसाना में ही संचालित करने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे में जिले के अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों में निराशा है।
दरअसल, शिक्षा विभाग ने वर्ष 2024-25 में जिले के प्रत्येक खंड में योजना को लागू करने का निर्णय लिया था। पहले चरण में जाटूसाना खंड को शामिल किया गया था। उस समय करीब एक हजार विद्यार्थियों ने इस योजना का लाभ उठाया था और इसे सफल भी माना गया था।
योजना के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए विभाग ने अन्य खंडों में विस्तार का भरोसा दिलाया था लेकिन दो सत्र बीतने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका। अब तीसरे सत्र में भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। योजना का विस्तार न होने से दूर-दराज के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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एक किमी से अधिक दूरी वाले विद्यार्थियों को योजना में करना है शामिल
विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के तहत कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों को लाभ मिलता है। योजना का उद्देश्य दूर-दराज के विद्यार्थियों को सुरक्षित और आसान परिवहन सुविधा देना है। जिन छात्रों के घर से विद्यालय की दूरी एक किलोमीटर से अधिक है वे पात्र होते हैं। छात्र संख्या के अनुसार बस, मिनी बस या छोटे वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। 50 से अधिक छात्रों पर रोडवेज बस, 30-40 पर मिनी बस और 5-10 छात्रों पर छोटे वाहन दिए जाते हैं। विद्यार्थियों को एक पास मिलता है जिसका उपयोग दिन में एक बार आने-जाने के लिए किया जाता है।
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वर्जन
मुख्यालय की तरफ से जारी पत्र के अनुसार विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना का पहले से चयनित खंडों में जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर मुख्यालय की तरफ से सूचना भी मांगी गई थी। जाटूसाना बीईओ को संबंधित सूचना मुख्यालय को भेजने को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं।
-बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।